राजस्थान: 859 सब इंस्पेक्टरों की जायेगी नौकरी, हाई कोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 परीक्षा को पूरी तरह से किया रद्द

राजस्थान: 859 सब इंस्पेक्टरों की जायेगी नौकरी, हाई कोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 परीक्षा को पूरी तरह से किया रद्द

प्रेषित समय :18:14:36 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने बहुचर्चित सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2021 परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने का आदेश दिया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले पर मुहर लगा दी है. हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद 859 सब इंस्पेक्टर एक झटके में सड़क पर आ गए हैं.

उनसे अब खाकी छिनेगी. कार्यवाहक जस्टिस एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ द्वारा 28 अगस्त 2025 को सुनाए गए फैसले को सही मानते हुए सरकार और चयनित अभ्यर्थियों की अपीलों को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने माना कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक, धांधली और अनियमितताएं हुई थीं, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की शुचिता भंग हो गई थी.

हालांकि खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण राहत देते हुए एकलपीठ द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्यों के खिलाफ लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान को रद्द कर दिया. कार्यवाहक सीजे की खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हों और जांच में पेपरलीक के पुख्ता प्रमाण मिलें, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना ही एकमात्र विकल्प बचता है. कोर्ट ने एकलपीठ के उस तर्क को सही माना जिसमें कहा गया था कि 'दूषित चयन प्रक्रिया से ईमानदार अभ्यर्थियों का हक मारा गया है. इसके बाद कोर्ट ने पुलिस भर्ती परीक्षा में से एक सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2021 परीक्षा को रद्द करने का फैसला सुनाया.

हजारों अभ्यर्थियों को कोर्ट ने दी बड़ी राहत

बताया जा रहा है कोर्ट द्वारा भर्ती रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है, लेकिन कोर्ट ने उनके हितों का ध्यान रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि जब भी यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, तब उन सभी अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी जो इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा थे. इससे उन युवाओं को दोबारा मौका मिल सकेगा, जो इस लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान ओवर-एज हो गए थे.

859 सब इंस्पेक्टरों को बड़ा झटका

गौरतलब है कि इस भर्ती का सफर 3 फरवरी 2021 को शुरू हुआ था. 859 सब इंस्पेक्टर के पदों के लिए करीब 7 लाख 97 हजार ने आवेदन किया, जिनमें से 3.80 लाख परीक्षा में बैठे थे. 20 हजार फिजिकल के लिए पास हुए और 3291 अभ्यर्थी इंटरव्यू तक पहुंचे थे. वहीं परीक्षा के दौरान ही धांधली के आरोप लगे, जिसमें आरपीएससी सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटरा की गिरफ्तारी ने मामले को तूल दे दिया.

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

बता दें कि एकलपीठ ने जब 28 अगस्त 2025 को भर्ती रद्द की, तो चयनित अभ्यर्थी खंडपीठ चले गए थे. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को 3 महीने में फैसला लेने का आदेश दिया था. आज हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में भारी खामियां थीं, जिसे सुधारना अब संभव नहीं है. गौरतलब है कि कोर्ट ने एकलपीठ की उन टिप्पणियों को सही माना है जो आरपीएससी सदस्यों के आचरण के खिलाफ की गई थीं.

जांच में एसओजी ने पाया था कि भर्ती में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार की जड़ें फैली हुई थीं. इसी वजह से कोर्ट ने भर्ती को पूरी तरह रद्द रखने का कड़ा फैसला सुनाया. सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर दो फाड़ नजर आ रहे हैं. एक तरफ वे अभ्यर्थी हैं जो सालों की मेहनत के बाद चयनित हुए थे और अब सड़क पर आ गए हैं, वहीं दूसरी तरफ वे बेरोजगार युवा हैं जो पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-