मामला लीगल है 2 रिव्यू: धीमी रफ्तार के बावजूद रवि किशन और नैला ग्रेवाल की दमदार एक्टिंग ने जीता दिल

मामला लीगल है 2 रिव्यू: धीमी रफ्तार के बावजूद रवि किशन और नैला ग्रेवाल की दमदार एक्टिंग ने जीता दिल

प्रेषित समय :19:47:50 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित वेब सीरीज Maamla Legal Hai 2 अपने पहले सीजन की सफलता के बाद अब दूसरे सीजन के साथ दर्शकों के बीच लौट आई है। इस बार भी सीरीज रोजमर्रा के कोर्टरूम माहौल, वहां होने वाले छोटे-बड़े मामलों और किरदारों की दिलचस्प जिंदगी को दिखाने की कोशिश करती है। हालांकि इसकी कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन मजबूत अभिनय इसे संभाल लेता है।

सीरीज की कहानी दिल्ली के पटपड़गंज कोर्ट के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां रवि किशन द्वारा निभाया गया किरदार विश्वेश्वर दयाल त्यागी अब प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज बन चुका है। उनकी दोस्ती नए डिस्ट्रिक्ट जज कैलाश शुभकेला से होती है, वहीं दूसरी ओर कोर्ट के भीतर वकीलों और स्टाफ के बीच की नोकझोंक भी कहानी को हल्के-फुल्के अंदाज में आगे बढ़ाती है।

कहानी का दूसरा अहम पहलू नैला ग्रेवाल के किरदार अनन्या श्रॉफ से जुड़ा है, जो अपनी पहली बड़ी कोर्ट जीत हासिल करने की कोशिश में हैं। इसी दौरान उन्हें एक दिलचस्प केस मिलता है, जिसमें उनका सामना अपनी प्रतिद्वंद्वी नयना अरोड़ा से होता है। इसके बाद जो कोर्टरूम ड्रामा सामने आता है, वही इस सीजन की असली कहानी बनता है।

अगर एक्टिंग की बात करें तो सीरीज पूरी तरह रवि किशन और नैला ग्रेवाल के कंधों पर टिकी हुई नजर आती है। रवि किशन अपने किरदार में पूरी तरह ढले हुए दिखते हैं और हर सीन में प्रभाव छोड़ते हैं। वहीं नैला ग्रेवाल ने भी अपने अभिनय से यह साबित किया है कि वह मजबूत किरदारों को बखूबी निभा सकती हैं।

सपोर्टिंग कास्ट में निधि बिष्ट, अनंत जोशी, कुशा कपिला और दिनेश लाल यादव जैसे कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों में अच्छा योगदान दिया है, जिससे कहानी और भी दिलचस्प बनती है।

निर्देशन की बात करें तो राहुल पांडे ने सीरीज को सरल और सहज रखने की कोशिश की है। बिना किसी ओवरड्रामेटिक एलिमेंट के उन्होंने कोर्टरूम की वास्तविकता को पेश किया है, जो इसे अलग बनाता है। हालांकि कुछ जगहों पर कहानी की धीमी रफ्तार दर्शकों की धैर्य की परीक्षा ले सकती है।

तकनीकी पक्ष में बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के साथ अच्छी तरह मेल खाता है और सीन को बेहतर बनाता है, जबकि सिनेमैटोग्राफी ठीक-ठाक है। एडिटिंग काफी सटीक है, जिसकी वजह से लंबे एपिसोड भी ज्यादा खिंचे हुए महसूस नहीं होते।

Maamla Legal Hai 2 एक ऐसी सीरीज है जो तेज रफ्तार मनोरंजन की बजाय हल्के-फुल्के लेकिन सोचने पर मजबूर करने वाले कोर्टरूम ड्रामा को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। अगर आप किरदार आधारित कहानी और मजबूत अभिनय देखना पसंद करते हैं, तो यह सीरीज आपके लिए एक अच्छा विकल्प है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-