जबलपुर के कई अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता समाप्त, एमपी के 126 हास्पिटल को लगा झटका

जबलपुर के कई अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता समाप्त, एमपी के 126 हास्पिटल को लगा झटका

प्रेषित समय :15:38:39 PM / Sun, Apr 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी में अस्पतालों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है. जिसमें जबलपुर, भोपाल, इंदौर व ग्वालियर सहित चार बड़े शहरों में 126 अस्पतालों की संबद्धता समाप्त की जा रही है. क्योंकि उन्होंने अब तक एनएबीएच सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई. इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. आयुष्मान कार्यालय ने पहले इन अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था. लेकिन तय समय में जवाब न देने पर अब कार्रवाई की जा रही है.

इस मामले में आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ योगेश भरसट का कहना है कि यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है. उन्होंने बताया कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके. जहां एक ओर गैर-मानक अस्पतालों पर सख्ती की जा रही है. वहीं दूसरी ओर बेहतर सुविधाएं देने वाले अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. आने वाले समय में इससे मरीजों को अधिक सुरक्षितए पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने की उम्मीद है.

4 शहरों में 398 अस्पताल थे इंपैनल्ड-

आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहर जबलपुर, भोपालए इंदौर व  ग्वालियर में यह बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है. इन शहरों में कुल 398 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इंपैनल्ड हैं. लेकिन इनमें से 126 अस्पताल ऐसे पाए गए. जिन्होंने अब तक एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई.

नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब-

आयुष्मान कार्यालय के अनुसार इन अस्पतालों को पहले नोटिस जारी कर दोबारा आवेदन का अवसर दिया गया था. इसके बावजूद जब तय समय तक जानकारी नहीं दी गई तो अब उनकी संबद्धता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित अस्पतालों को इस संबंध में अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं.

क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान-

आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा. फुल एनएबीएच अस्पतालों को क्लेम राशि का 115: भुगतान मिलेगा. एंट्री लेवल एनएबीएच अस्पतालों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा. इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.

मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी-

अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे. मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे. जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा. इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी.

जबलपुर के इन अस्पतालों की संबद्धता समाप्त-

-पीजी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
-मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल
-कोठारी हॉस्पिटल
-जामदार हॉस्पिटल प्रालि.
-नेशनल हॉस्पिटल
-सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्रालि
-समर्थ श्री मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
-शीतल छाया हॉस्पिटल प्रालि
-जेके हॉस्पिटल
-अपोलो हॉस्पिटल (ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हेल्थकेयर)
-दादा वीरेंद्र पुरी जी आई इंस्टीट्यूट

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-