बेंगलुरु. एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कथित हायरिंग स्कैम का खुलासा करते हुए नौकरी तलाश रहे युवाओं को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अस्मित नाम से पोस्ट करने वाले इस टेकी ने दावा किया कि Zorvyn नाम की एक कंपनी संदिग्ध लग रही है और इसके जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि कंपनी में आवेदन करने के बाद जब उन्हें असाइनमेंट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया, तब उन्होंने कंपनी की जांच-पड़ताल शुरू की और कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
अस्मित ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने बैकएंड असेसमेंट शुरू करने से पहले कंपनी के बारे में रिसर्च किया और पाया कि उसके कर्मचारियों के प्रोफाइल संदिग्ध हैं। उनके अनुसार, कई प्रोफाइल्स में अनुभव और शिक्षा से जुड़ी जानकारी बेतरतीब और अविश्वसनीय लग रही थी। उन्होंने खासतौर पर कंपनी के कथित सीटीओ के प्रोफाइल पर सवाल उठाया, जिसमें दावा किया गया था कि वह 2015 में आईआईटी से पासआउट हैं, लेकिन उनका लिंक्डइन प्रोफाइल हाल ही में 2025 में बनाया गया था। इस तरह की विसंगतियों ने टेकी के शक को और मजबूत कर दिया।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि कई अन्य प्रोफाइल्स, जो कंपनी से जुड़े होने का दावा कर रहे थे, उनके फोटो और डिटेल्स भी संदिग्ध थे। कुछ तस्वीरें देखने में एआई जनरेटेड लग रही थीं, जिससे यह अंदेशा बढ़ गया कि कंपनी की ऑनलाइन मौजूदगी पूरी तरह से असली नहीं है। इसके अलावा, टेकी ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी की वेबसाइट पर कई जगह बड़ी कंपनियों के लोगो को एडिट करके Zorvyn का नाम जोड़ दिया गया है, जो एक और बड़ा संकेत है कि कुछ गड़बड़ हो सकती है।
अस्मित ने यह भी बताया कि कंपनी दावा करती है कि उसके 600 से ज्यादा क्लाइंट्स हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उसके कर्मचारियों की संख्या बेहद कम दिखाई देती है। इस विरोधाभास ने भी उनकी शंका को बढ़ाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे ऑफर्स से दूर रहना चाहिए, खासकर जब कंपनियां आकर्षक सैलरी दिखाकर लंबा असाइनमेंट पूरा करने के लिए कहती हैं।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई अन्य यूजर्स ने भी कमेंट सेक्शन में अपने अनुभव साझा किए। कई लोगों ने बताया कि उन्हें भी इसी कंपनी से असेसमेंट मेल मिला था और उन्होंने उस पर समय खर्च किया। कुछ यूजर्स ने कहा कि उन्हें पहले से ही कंपनी पर शक था, इसलिए उन्होंने असेसमेंट पूरा नहीं किया। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यह ट्रेंड अब बढ़ता जा रहा है, जहां कंपनियां नौकरी या इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों और नौकरी तलाशने वालों को निशाना बना रही हैं।
एक यूजर ने लिखा कि आज के समय में जब छात्र और फ्रेशर्स नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब इस तरह के फर्जी ऑफर्स उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कंपनी में आवेदन करने से पहले उसकी पूरी जांच करें और बिना पुष्टि के किसी भी असाइनमेंट पर समय न लगाएं।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि डिजिटल युग में जहां अवसर बढ़े हैं, वहीं धोखाधड़ी के तरीके भी ज्यादा जटिल हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी के नाम पर हो रहे ऐसे स्कैम से बचने के लिए उम्मीदवारों को सतर्क रहना होगा। कंपनी की वेबसाइट, कर्मचारियों के प्रोफाइल, लिंक्डइन एक्टिविटी और क्लाइंट्स की जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी है।
फिलहाल, Zorvyn की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे सवालों ने इसे चर्चा का बड़ा मुद्दा बना दिया है। यह घटना उन लाखों युवाओं के लिए चेतावनी है जो बेहतर करियर की तलाश में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

