जबलपुर.शहर के यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए मील का पत्थर माने जाने वाले पेंटीनाका फ्लाई ओवर को लेकर एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के विशेष प्रयासों और निर्देशों के बाद इस फ्लाई ओवर की लंबाई में भारी वृद्धि करने के साथ ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने इसकी नई प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है. अब यह फ्लाई ओवर पेंटीनाका चौक से वायएमसीआर (YMCA) तक सीमित न रहकर एम्पायर तिराहा से शुरू होकर गोराबाजार के पास तक बनेगा. इस निर्णय के बाद शहर के दक्षिणी हिस्से और मंडला मार्ग पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से जनता को स्थायी निजात मिलने की उम्मीद जाग गई है. गौरतलब है कि पूर्व में रक्षा विभाग की आपत्तियों और तकनीकी अड़चनों के कारण इस प्रोजेक्ट के निर्माण में विलंब हो रहा था, लेकिन मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर दोबारा कराए गए सर्वे ने इन सभी बाधाओं को दूर कर दिया है.
इस महत्वपूर्ण परियोजना का नया खाका अब पूरी तरह से बदल गया है और इसे पहले से कहीं अधिक भव्य और उपयोगी बनाया गया है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा दी गई नई स्वीकृति के अनुसार, यह फ्लाई ओवर अब सेतु बंधन योजना (सीआईआरएफ) के तहत निर्मित किया जाएगा. नई योजना के तहत फ्लाई ओवर की मुख्य लंबाई अब 1415 मीटर होगी, जबकि पहुंच मार्ग यानी एप्रोच रोड की लंबाई 283 मीटर निर्धारित की गई है. इतना ही नहीं, भविष्य की जरूरतों और वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए फ्लाई ओवर के दोनों ओर 7.50 मीटर चौड़ा सर्विस मार्ग भी बनाया जाएगा. लंबाई बढ़ने के साथ ही परियोजना की लागत में भी वृद्धि हुई है और अब यह फ्लाई ओवर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जबलपुर का यातायात उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और यह फ्लाई ओवर मंडला की ओर से आने वाले वाहनों को शहर में सुचारू प्रवेश दिलाने में निर्णायक साबित होगा.
जबलपुर की बदलती तस्वीर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि शहर में केवल पेंटीनाका फ्लाई ओवर ही नहीं, बल्कि विकास की कई बड़ी योजनाएं एक साथ जमीन पर उतर रही हैं. उन्होंने बताया कि जबलपुर को प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर मिलने के साथ ही अब 5 नए फ्लाई ओवरों की स्वीकृति भी मिल चुकी है, जो आने वाले समय में शहर के हर प्रमुख जंक्शन को सिग्नल फ्री बना देंगे. इसके साथ ही देश की दूसरी सबसे बड़ी रिंग रोड, जिसकी लंबाई 112 किलोमीटर है, उसका निर्माण कार्य भी अब अपने अंतिम चरणों में है. इन संरचनाओं का जाल बिछने के बाद जबलपुर का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यह महानगरों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा होगा. पेंटीनाका फ्लाई ओवर की लंबाई बढ़ाने का निर्णय विशेष रूप से इसलिए लिया गया ताकि एम्पायर तिराहे जैसे व्यस्ततम बिंदु को भी इसमें शामिल किया जा सके और गोराबाजार तक बिना किसी बाधा के यातायात का प्रवाह बना रहे.
इस बड़ी उपलब्धि के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से जबलपुर विकास के पथ पर तेज गति से दौड़ रहा है. रक्षा विभाग से संबंधित पुरानी अड़चनों को दूर करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे नए सर्वे और तकनीकी बदलावों के माध्यम से हल कर लिया गया है. अब जब प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, तो जल्द ही निर्माण कार्य की निविदाएं और धरातलीय कार्य शुरू होने की संभावना है. शहर के नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है क्योंकि पेंटीनाका और गोराबाजार क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिससे रोजाना हजारों लोग परेशान होते थे. यह फ्लाई ओवर न केवल समय की बचत करेगा बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण को कम करने में भी मददगार साबित होगा.
अंततः, पेंटीनाका फ्लाई ओवर का यह विस्तारित स्वरूप जबलपुर के अधोसंरचना विकास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. एम्पायर तिराहा से गोराबाजार तक का यह सफर अब हवा से बातें करेगा और शहर के प्रवेश मार्ग पर लगने वाला जाम बीती बात हो जाएगी. मंत्री राकेश सिंह के विजन और सरकार की सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जबलपुर को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. आने वाले कुछ वर्षों में जब ये सभी फ्लाई ओवर और रिंग रोड बनकर तैयार होंगे, तब जबलपुर महाकौशल ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए परिवहन और व्यापार का एक सुगम केंद्र बनकर उभरेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

