जबलपुर. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे समय से लंबित रिंग रोड प्रोजेक्ट को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है, जिससे जबलपुर की ओर से आने वाले वाहनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस परियोजना के तहत पश्चिमी बायपास के संशोधित एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी गई है, जिससे निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है. करीब 35.61 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का कॉरिडोर ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा और खासतौर पर जबलपुर से आने-जाने वाले यात्रियों का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो जाएगा.
अधिकारियों के मुताबिक, इस रिंग रोड के निर्माण से जबलपुर की दिशा से आने वाले वाहन बिना भोपाल शहर में प्रवेश किए सीधे इंदौर रोड की ओर जा सकेंगे. इससे लगभग 23 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी और यात्रा में करीब एक घंटे का समय बचेगा. वर्तमान में भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्री वाहनों को भोपाल शहर के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है. इस नई परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा.
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले महीनों में निर्माण कार्य भी जमीन पर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी होगी. इससे परियोजना के समय पर पूरा होने की उम्मीद भी बढ़ जाती है.
इस रिंग रोड का निर्माण कार्य पहले वर्ष 2023 में शुरू होने वाला था, लेकिन पर्यावरण संबंधी मुद्दों और कुछ अन्य विवादों के चलते इसमें देरी हो गई. यह भी आरोप लगे थे कि प्रस्तावित मार्ग के आसपास प्रभावशाली लोगों ने जमीन खरीद ली थी, जिससे परियोजना पर सवाल खड़े हुए थे. हालांकि अब सरकार ने सभी बाधाओं को दूर कर दिया है और परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.
प्रस्तावित रिंग रोड मंडीदीप के पास भोपाल-मंडीदीप मार्ग से शुरू होकर इंदौर रोड पर फंदा कलां गांव के पास समाप्त होगी. इस मार्ग में पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और आपातकालीन स्थिति में वाहनों को रुकने की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा यह साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा.
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं तो अगले दो वर्षों में भोपाल को यह बहुप्रतीक्षित रिंग रोड मिल सकती है. इस परियोजना के पूरा होने से न केवल जबलपुर बल्कि इंदौर और अन्य शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

