जबलपुर. एक वक्त था जब जबलपुर की 'बैकलेन' (पिछली गलियां) गंदगी और उपेक्षा का पर्याय हुआ करती थीं. लोग वहाँ से गुज़रते समय नाक-भौं सिकोड़ते थे. लेकिन, आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. जबलपुर नगर निगम के विशेष कायाकल्प अभियान ने इन गलियों को 'चाय की चौपाल' और 'सेल्फी पॉइंट' में तब्दील कर दिया है, जहाँ अब लोग फुर्सत के पल बिताते हैं, कैरम खेलते हैं और हंसी-मज़ाक करते हैं.
इस बदलाव के सूत्रधार हैं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार, जिन्होंने स्वच्छता को केवल कचरा उठाने की कवायद नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन और उत्सव का रूप दे दिया है. उन्होंने बताया कि इस बार स्वच्छता अभियान का ध्यान उन उपेक्षित हिस्सों पर भी था, जो लंबे समय से गंदगी के ढेर के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे.
अभियान के तहत, सफाई के बाद इन स्थानों पर आकर्षक स्ट्रीट आर्ट और पेंटिंग की गई है. शहर की दीवारों पर उकेरी गई आकृतियाँ लोगों को जागरूक भी कर रही हैं और प्रेरित भी. इन पेंटिंग्स में दो मुख्य थीम रखी गई हैं: आध्यात्मिक और स्वच्छता. शांति और शुचिता का संदेश देती कलाकृतियाँ लोगों के मन को सुकून पहुँचा रही हैं, जबकि कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के संदेशों को कला के माध्यम से बेहद रोचक ढंग से दर्शाया गया है.
निगम की इस तैयारी को देखकर आम जनता में भी जबरदस्त उत्साह है. लोग न केवल इन खूबसूरत दीवारों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं बल्कि वहां बैठ कर आनंद की अनुभूति भी महसूस कर रहे हैं. स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने कहा, "पहले हम इन गलियों में जाने से डरते थे, लेकिन अब यहाँ बैठ कर चाय पीना और कैरम खेलना अच्छा लगता है. नगर निगम ने सचमुच शहर की सूरत बदल दी है."
निगमायुक्त अहिरवार ने कहा, "यह सफलता जनभागीदारी के बिना संभव नहीं थी. लोगों ने इस अभियान को अपना माना और इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया. हमारा उद्देश्य केवल शहर को साफ रखना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ लोग स्वस्थ और खुश रह सकें."
स्वच्छता को लेकर जबलपुर में आज वैसी ही हलचल और उत्साह नजर आ रहा है, जैसा अमूमन दीपावली के दीपोत्सव पर दिखाई देता है. नगर निगम की इस पहल ने न केवल शहर की सूरत बदली है, बल्कि लोगों के जीवन में भी एक सकारात्मक बदलाव लाया है. उम्मीद है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और जबलपुर को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाए रखेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

