MP-कटनी स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से 167 नाबालिगों का रेस्क्यू, मचा हडक़ंप, मानव तस्करी का अंदेशा

MP-कटनी स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से 167 नाबालिगों का रेस्क्यू, मचा हडक़ंप, मानव तस्करी का अंदेशा

प्रेषित समय :12:25:33 PM / Sun, Apr 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर/कटनी. पमरे के जबलपुर रेल मंडल के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने कटनी रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस ट्रेन से करीब 167 नाबालिग बच्चों को उतारकर अपने संरक्षण में लिया. यह सभी बच्चे बिहार के अररिया क्षेत्र से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे थे. मामले की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और ट्रेन के कटनी पहुंचते ही प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.
बताया जाता है कि बाल कल्याण समिति को सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में बिहार से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है. बच्चों के पास न तो वैध टिकट थे और न ही भोजन-पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी. सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ को अवगत कराया गया, जिसके बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की.

ट्रेन को घेरकर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

जैसे ही शनिवार शाम पटना-पूर्णा एक्सप्रेस कटनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची, सुरक्षा बलों ने ट्रेन को चारों ओर से घेर लिया. बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों के साथ पुलिस टीम ने कोचों में प्रवेश कर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और आरपीएफ थाने लाया गया. इस दौरान स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

बच्चों को लातूर ले जाने का दावा

बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह शिक्षक है और पिछले 10 वर्षों से बच्चों को लातूर स्थित मदरसे में शिक्षा के लिए ले जाता रहा है. उसके अनुसार सभी बच्चों को पांच साल तक धार्मिक शिक्षा दी जानी थी. हालांकि अधिकारियों ने उसके दावे की सत्यता की जांच शुरू कर दी है.

चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम कर रही जांच

चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर मनीष तिवारी ने बताया कि सूचना के आधार पर संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया गया है. बच्चों से पूछताछ की जा रही है और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

कुछ बच्चों को कटनी, कुछ को जबलपुर भेजा गया

रेस्क्यू किए गए बच्चों को फिलहाल सुरक्षा और देखरेख के लिए अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है. कुछ बच्चों को कटनी में ही रखा गया है, जबकि अन्य को जबलपुर भेजा गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

जांच के बाद ही होगी स्पष्टता

आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 167 बच्चों को ट्रेन से उतारा गया है. बच्चों के साथ आए लोगों से पूछताछ की जा रही है और हर पहलू की गहन जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा.

मानव तस्करी या शिक्षा का मामला

इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिना उचित दस्तावेज, टिकट और अभिभावकों की उपस्थिति के इतने बड़े समूह में बच्चों का सफर करना संदेह पैदा करता है. फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और यदि कोई अपराध हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके.

इनका कहना....
17609 एलटीटी से पुणे जा रही ट्रेन के एस-2, एमस-3, एस-4 व एस-8 में बच्चे थे. एजेंसियों की सूचना पर सीडब्ल्यूसी व बाल कल्याण समिति के लोग कार्रवाई कर रहे हैं. सीडब्ल्यूसी पूरे मामले में पूछताछ कर रही है. समिति के लोगों ने 167 बच्चों को उतारा है.
- वीरेंद्र सिंह, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी.
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आरपीएफ को सूचना मिली थी कि बिहार से 100 से अधिक बच्चे दानदेड़ ले जाया जा रहा है. सीडब्ल्यूसी, बाल कल्याण समिति व पुलिस ने बच्चों को उतार है. मदरसे में पढ़ाई के लिए ले जाए जाने की बात कही जा रही है. बच्चे भी मदरसे जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन अभिभावकों का कोई कन्सर्ट नहीं है. आधे बच्चे कटनी के बालगृह में रखे गए हैं. आधे बच्चे जबलपुर भेजे गए हैं. मानव तस्करी व बाल मजदूरी के लिए भी ले जाए जाने की आशंका है.
- मनीष तिवारी, बाल कल्याण अधिकारी.
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कटनी स्टेशन में सभी बच्चों का रेस्क्यू कराया गया है. 80 बच्चे कटनी में रखे गए हैं. शेष बच्चे बच्चे जबलपुर भेजकर सुरक्षित स्थानों में रुकवाया गया है. मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है.
- आशीष तिवारी, कलेक्टर.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-