नरसिंहपुर. भोपाल से डिंडोरी जा रही एक यात्री बस में सोमवार 13 अप्रैल की देर रात प्रसव होने का मामला सामने आया है. प्रसव के तुरंत बाद बस चालक की सूझबूझ और स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ की तत्परता से जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं.
बताया जाता है कि डिंडोरी जिले की आदिवासी महिला रैवती उइके (31 वर्ष) अपने परिजनों के साथ बस से सफर कर रही थीं. मदनपुर के पास उन्हें अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा हुई और देखते ही देखते बस में ही बच्चे का जन्म हो गया.
चालक ने दिखाई सूझबूझ
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस चालक ने बिना समय गंवाए बस को सीधे तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर खड़ा कर दिया. रात के करीब 10.30 बजे जैसे ही बस अस्पताल पहुंची, तो चालक ने तत्काल वहां मौजूद डॉ. दामोदर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया. डॉक्टर ने बिना देरी किए स्टाफ नर्सों को स्ट्रेचर के साथ बस के पास भेजा. स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला और नवजात को सुरक्षित रूप से अस्पताल के अंदर शिफ्ट किया और तुरंत इलाज शुरू किया.
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ
महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है, जिसका वजन करीब साढ़े तीन किलो बताया गया है. अस्पताल प्रबंधन ने पुष्टि की है कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें भर्ती कर निगरानी में रखा गया है. मजदूरी करने वाले इस परिवार ने अस्पताल के स्टाफ और बस चालक के प्रति आभार व्यक्त किया है. क्षेत्र में इस मानवीय पहल और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता की सराहना की जा रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

