कर्नाटक की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी और चर्चित खबर सामने आई है, जहां 2016 के बहुचर्चित हत्याकांड में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस विधायक Vinay Kulkarni समेत 19 आरोपियों को दोषी करार दिया है. यह मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता Yogesh Gowda की हत्या से जुड़ा है, जिसने उस समय राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था.
बुधवार को सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में जज संतोश गजानन भट ने यह फैसला सुनाया. अदालत ने कुल 19 आरोपियों को दोषी ठहराया, जबकि दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. अब इस मामले में सजा की अवधि को लेकर फैसला गुरुवार को सुनाया जाएगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
यह मामला 15 जून 2016 का है, जब धारवाड़ शहर में एक जिम के अंदर योगेश गौड़ा पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था. हमलावरों के एक समूह ने उन्हें निशाना बनाते हुए हत्या को अंजाम दिया था. जांच एजेंसियों के अनुसार यह हमला पूरी तरह से साजिश के तहत किया गया था, जिसमें कई लोगों की भूमिका सामने आई.
इस मामले में विनय कुलकर्णी को भी साजिश का हिस्सा बताया गया था. उस समय वह राज्य सरकार में मंत्री थे और धारवाड़ जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. चार्जशीट में उन्हें आरोपी नंबर 15 के रूप में शामिल किया गया था. शुरुआत में इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन 2019 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई थी.
सीबीआई ने इस केस में व्यापक जांच करते हुए 113 गवाहों के बयान दर्ज किए और वर्ष 2020 में विनय कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था. वह करीब नौ महीने तक न्यायिक हिरासत में रहे, जिसके बाद 2021 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि बाद में सीबीआई ने उन पर गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी.
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होता है तो निचली अदालतें भी जमानत रद्द कर सकती हैं. इसके बाद कुलकर्णी ने सरेंडर किया था. हालांकि फरवरी 2026 में उन्हें एक बार फिर से जमानत मिल गई थी, क्योंकि तब तक ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान दर्ज हो चुके थे.
विनय कुलकर्णी वर्तमान में धारवाड़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और कर्नाटक अर्बन वाटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड के चेयरमैन भी हैं. दिलचस्प बात यह रही कि चुनाव प्रचार के दौरान अदालत द्वारा क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बावजूद उन्होंने 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों ने उनके लिए प्रचार किया था.
अब कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. सजा का ऐलान गुरुवार को होना है, जिसके बाद इस मामले में आगे की कानूनी और राजनीतिक स्थिति साफ होगी. यह फैसला न केवल इस हत्याकांड में न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि राज्य की राजनीति पर भी इसका दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

