जबलपुर: सिंगरौली बैंक लूट के बाद पुलिस अलर्ट, मीटिंग में बनी प्लानिंग, बैंकों में कड़े किए सुरक्षा मानक

जबलपुर: सिंगरौली बैंक लूट के बाद पुलिस अलर्ट, मीटिंग में बनी प्लानिंग, बैंकों में कड़े किए सुरक्षा मानक

प्रेषित समय :17:31:11 PM / Sat, Apr 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. बैंक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देशों पर आधारित इस सभा में शहर के विभिन्न बैंकों के 50 अधिकारियों ने भाग लिया.

बैठक का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला ने किया. सिंगरौली में हाल ही में हुई बैंक लूट की घटना से सबक लेते हुए जबलपुर पुलिस अब सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में जुट गई है.

तकनीकी निगरानी का सिस्टम

बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ बैंक प्रबंधन की भी है. बैंक अधिकारियों को हिदायत दी गई कि वे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करें. सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बैंकों में अनिवार्य रूप से चैनल गेट लगवाने और कम से कम 3-4 विभिन्न स्थानों पर पैनिक अलार्म व सायरन स्थापित करने के निर्देश दिए गए. इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी कैमरों की कवरेज को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. यदि बैंक के भीतर या बाहर कोई भी ऐसा स्थान है जो कैमरों की जद में नहीं है, तो वहां तत्काल कैमरे लगाने की सलाह दी गई ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके. सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए थानों और बैंकों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप बनाने पर भी सहमति बनी.

संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी

सिंगरौली की वारदात के बाद अपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा बैंक परिसर के साथ-साथ आसपास के चाय ठेलों और पार्किंग क्षेत्रों की आकस्मिक जांच की जा रही है. बैठक में बैंकों में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों को अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए. बैंक प्रबंधन से कहा गया कि वे गार्डों को प्रशिक्षित करें कि वे बिना काम घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करें और आवश्यकता पडऩे पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें. बैंक अधिकारियों की मांग पर पुलिस ने आश्वस्त किया कि सुबह 11 से 1 और दोपहर 3 से 4 बजे के बीच बैंकों के आसपास पुलिस गश्त को बढ़ाया जाएगा.

गार्डों का पुलिस वेरिफिकेशन

बैठक में म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से होने वाली मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा हुई. अवैध धन हस्तांतरण की किसी भी सूचना पर बैंक अधिकारियों को तत्काल साइबर सेल या स्थानीय थाने को सूचित करने के निर्देश दिए गए. सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पेशेवर बनाने के लिए यह अनिवार्य किया गया कि एटीएम और बैंकों में तैनात गार्ड केवल अधिकृत एजेंसियों के हों और वे पूरी तरह प्रशिक्षित व शस्त्रधारी हों. इसके साथ ही निजी सुरक्षा गार्डों और रिकवरी एजेंटों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराने के आदेश दिए गए हैं ताकि बैंक की आंतरिक सुरक्षा में कोई चूक न हो. विभागीय अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच करने की सलाह भी दी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-