भोपाल. नारी वंदन अधिनियम को विपक्ष द्वारा समर्थन न किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोलते हुए उनकी तुलना दुशासन और कौरव पक्ष के लोगों से की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस मुद्दे को लेकर पार्टी नीचे जनता तक लेकर जाएगी. इसके विरोध में राजधानी भोपाल में 20 अप्रैल को आक्रोश सभा और रैली बीजेपी करने जा रही है. घटना के लेकर पंचायत स्तर से नगर निगम परिषद से निंदा प्रस्ताव पास कराया जाएगा. जल्द ही विधानसभा का एक दिवसीय सत्र भी सरकार बुलाने जा रही है.
मौकापरस्त है विपक्ष
बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र के मंदिर में अपने अंतिम दौर तक पहुंच गया था, लेकिन उस घटना को दुर्घटना में बदलने वालों को सभी ने गौर से देखा है. द्रोपदी का चीरहरण तो हमने 5 हजार साल पहले सुना था, लेकिन बहनों की इज्जत से खेलने का जो खेल सदन में हुआ, उसमें सभी दुशासन, दुर्योधन कौरव पक्ष के लोग उसमें हिस्सा ले रहे थे, वह हम सभी के लिए कष्टकारक है. जबकि इसके पहले प्रधानमंत्री ने लिखित में सभी पक्ष के लोगों को खुला पत्र लिखा था.
2023 में जिस अधिनियम पर सभी ने सर्वसम्मती से सहमति जताई थी, उसमें अब पलटूराम पटली खा गए, क्योंकि यह अवसरपरस्ती का उदाहरण पेश कर रहे थे. जब चुनाव का समय था, तब सभी तैयार हो गए थे, लेकिन अभी चुनाव 3 साल दूर है, तो कितना गंदा खेल खेला. ऐसा देखकर विपक्ष पर घृणा आती है. डीएमके अपने चुनाव जीतने को लेकर पागल हो गई है. जिस तरह से वह बातों को ले जा रही है, वह अलगावबादी मानसिकता है. एक बड़ी बहन जो कहती है नारी हूं, लड़ सकती हूं, उन्होंने नारी के किस्मत के फैसले को दुरावस्ता में डालने का काम किया है. 1971 में 55 करोड़ की आबादी थी, अब 140 करोड़ की आबादी के अनुपात से सीटें नहीं बढऩी चाहिए, यह बच्चे को भी मालूम है. कोई सोए को जगाया जा सकता है, लेकिन जो आंखें ही बंद करे उसके नहीं जगाया जा सकता है.
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