सीएम राइज स्कूल में दाखिले पर मचा भारी बवाल, नियमों की आड़ में बच्चों को प्रवेश देने से प्रबंधन का इंकार

सीएम राइज स्कूल में दाखिले पर मचा भारी बवाल, नियमों की आड़ में बच्चों को प्रवेश देने से प्रबंधन का इंकार

प्रेषित समय :19:56:12 PM / Fri, Apr 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर.पनागर स्थित शासकीय सांदीपनि सीएम राइज स्कूल इन दिनों अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के बजाय प्रवेश प्रक्रिया को लेकर उपजे विवादों के कारण चर्चा में है. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना था, लेकिन पनागर में यह स्कूल प्रबंधन की कथित मनमानी और जटिल नियमों के चलते अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त सीटें खाली होने के बावजूद नए छात्रों को दाखिला देने में टालमटोल किया जा रहा है. स्कूल प्रबंधन द्वारा लागू किए गए 'दो किलोमीटर की दूरी' के अजीबोगरीब नियम ने कई मेधावी बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है. अभिभावकों का कहना है कि प्रबंधन इस तर्क के साथ बच्चों को लौटा रहा है कि उनका निवास स्थान स्कूल से निर्धारित दूरी के बाहर है, जबकि हकीकत में वे इसी क्षेत्र के स्थायी निवासी हैं.

प्रवेश के इच्छुक बच्चों के परिजनों ने स्कूल परिसर में जमकर नारेबाजी की और प्रबंधन पर पक्षपात का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारी अभिभावकों का दावा है कि एक तरफ गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नियमों का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावशाली लोगों के बच्चों के लिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है. वीडियो साक्ष्यों के माध्यम से यह बात सामने आई है कि कई अभिभावक पिछले कई दिनों से स्कूल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रवेश देने के बजाय हर बार नई तकनीकी खामी बताकर लौटा दिया जाता है. इस स्थिति के कारण क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद वे अब तक कक्षाओं में नहीं बैठ पा रहे हैं.

विवाद का मुख्य केंद्र वह नियम है जिसमें स्कूल से घर की दूरी को प्राथमिकता दी जा रही है. ग्रामीणों का तर्क है कि पनागर के आस-पास के क्षेत्रों में सीएम राइज जैसी सुविधाओं वाला कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है, ऐसे में दूरी का बहाना बनाकर शिक्षा से वंचित करना न्यायोचित नहीं है. स्कूल प्रबंधन की इस कार्यप्रणाली से शिक्षा विभाग के उन दावों की भी पोल खुल रही है जिनमें हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कही जाती है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है ताकि योग्य छात्रों को प्रवेश मिल सके.

वर्तमान में स्थिति यह है कि पनागर का यह प्रतिष्ठित स्कूल विवादों का अखाड़ा बन चुका है. अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया और खाली सीटों पर बच्चों को दाखिला नहीं मिला, तो वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे. सरकार द्वारा स्कूलों को हाई-टेक बनाने की दिशा में उठाए गए कदम जमीनी स्तर पर प्रशासनिक हठधर्मिता के कारण विफल होते नजर आ रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने सीएम राइज स्कूल की साख पर बट्टा लगा दिया है और अब प्रशासन को इस मामले में तत्काल दखल देकर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की आवश्यकता है. पनागर के नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि नियमों की आड़ में बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-