नई दिल्ली. प्रधानमंत्री के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सीपीआई के एक सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि यह संबोधन आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग की है.
आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संबोधन ऐसे समय में प्रसारित हुआ जब कई राज्यों में आचार संहिता लागू है. उनके अनुसार यह भाषण राजनीतिक प्रकृति का था और इसका उद्देश्य एक चल रहे मुद्दे पर जनमत को प्रभावित करना था. उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया है.
सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मुद्दा
शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस संबोधन का प्रसारण सरकारी प्लेटफॉर्म पर किया गया, जो सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं. सांसद का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के दौरान ऐसे मंचों का उपयोग राजनीतिक संदेश के लिए करना नियमों के खिलाफ है और इससे निष्पक्षता प्रभावित होती है.
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
पत्र में चुनाव आयोग से अपील की गई है कि वह मामले का संज्ञान लेकर जांच करे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि इस पर कदम नहीं उठाया गया तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं. फिलहाल इस मामले पर आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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