जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित बरेला नगर परिषद में दैनिक वेतन भोगी व श्रमिक कर्मचारियों की भर्ती और कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों से इन गड़बडिय़ों का खुलासा हुआ हैए जिससे परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं.
बरेला निवासी अनुराग पटेल ने आरोप लगाया है कि परिषद में योग्यता को दरकिनार कर मनमाने ढंग से पद और वेतनमान आवंटित किए गए हैं. इसके साथ हीए कर्मचारियों से उनके मूल पद से अलग कार्य कराए जा रहे हैंए जो दस्तावेजों और जमीनी हकीकत के बीच भारी अंतर को दर्शाता है. खबर है कि कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में कई विसंगतियां पाई गई हैं. सूची में क्रमांक 20 पर दर्ज अरविंद साहू को केवल 8वीं पास होने के बावजूद उच्च कुशल श्रेणी में रखा गया है.
दस्तावेजों में उनके पास इलेक्ट्रिक डिप्लोमा बताया गया है, जो उनकी शैक्षणिक योग्यता से मेल नहीं खाता. इसके विपरीत बीए व आईटीआई धारक पी तारकेश्वर राव, 12वीं पास और फायर डिप्लोमा धारक अनूप पांडे जैसे योग्य कर्मचारियों को केवल कुशल श्रेणी में रखा गया है. यह योग्यता के आधार पर वेतनमान निर्धारण में भेदभाव को उजागर करता है. दस्तावेजों में भी गड़बड़ी देखने को मिली है. आरोप है कि चौथी पास हरि पटवा को कुशल श्रेणी का वेतन दिया जा रहा है.
भर्ती ड्राइवर पद पर काम दूसरा-
नगर परिषद में वाहन चालकों की भर्ती और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जानकारी के मुताबिक शिव सागर क्रमांक व शिवम दुबे को ड्राइवर के पद पर भर्ती किया गया है. हालांकि शिव सागर से कार्यालय का कार्य लिया जा रहा है. जबकि शिवम दुबे से लाइनमैन का कार्य कराया जा रहा है. यह पद के दुरुपयोग को दर्शाता है. परिषद में पहले से पर्याप्त ड्राइवर होने के बावजूद नई भर्तियां की गईं. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और भाई.भतीजावाद को बढ़ावा मिला.
उच्च स्तरीय जांच की मांग-
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है. लोगों ने कलेक्टर और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की हैए ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

