स्वच्छता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जबलपुर नगर निगम ने उपयंत्री को किया निलंबित

स्वच्छता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जबलपुर नगर निगम ने उपयंत्री को किया निलंबित

प्रेषित समय :22:37:17 PM / Sat, Apr 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के बीच लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार 18 अप्रैल 2026 को निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के औचक निरीक्षण के बाद वार्ड क्रमांक 25 में सफाई व्यवस्था में गंभीर खामियां पाए जाने पर जोन 5 के उपयंत्री संदीप पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई से नगर निगम अमले में हड़कंप मच गया है और साफ संदेश दिया गया है कि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

जानकारी के अनुसार निगमायुक्त द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 की तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया जा रहा है. इसी क्रम में जब वार्ड 25 का भौतिक सत्यापन किया गया तो वहां सफाई व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई. कचरे का उचित निष्पादन नहीं होना, नालियों की सफाई में लापरवाही और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी जैसी कई खामियां सामने आईं. निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिम्मेदार अधिकारी द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया.

निगमायुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि संदीप पाण्डेय, जो मूल रूप से सहायक राजस्व निरीक्षक हैं और वर्तमान में जोन 5 में उपयंत्री के पद पर पदस्थ थे, उन्होंने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरती है. आदेश में कहा गया कि शासन द्वारा स्वच्छता कार्यों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, इसके बावजूद संबंधित अधिकारी की उदासीनता प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुई है.

इसके अलावा निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में चल रही कुछ निर्माण गतिविधियां भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं, जिससे यह संकेत मिलता है कि निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी भी प्रभावी तरीके से नहीं निभाई जा रही थी. यह स्थिति स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है.

मामले को गंभीरता से लेते हुए म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है. नियम 9(1)(क) के प्रावधानों के अंतर्गत संदीप पाण्डेय को निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ‘स्वच्छता सेल, नगर निगम जबलपुर’ निर्धारित किया गया है. साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल प्रारंभिक स्तर पर की गई है और पूरे मामले में अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए सभी विभागों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा.

निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सख्त शब्दों में कहा है कि शहर की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखें और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें.

इस कार्रवाई को नगर निगम की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहने की बात भी प्रशासन द्वारा कही गई है.

 इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जबलपुर नगर निगम अब स्वच्छता को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है और जिम्मेदारी तय करते हुए कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है. आने वाले दिनों में ऐसे और निरीक्षण और कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-