मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बीजेपी प्रत्याशी की जीत बहाल कांग्रेस वोट विवाद खारिज

मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बीजेपी प्रत्याशी की जीत बहाल कांग्रेस वोट विवाद खारिज

प्रेषित समय :16:39:00 PM / Tue, Apr 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी के चुनाव को वैध ठहराते हुए उसे बहाल कर दिया है. साथ ही कांग्रेस पार्षदों द्वारा दिए गए वोट को अवैध मानने से इनकार करते हुए निर्वाचन न्यायाधिकरण के आदेश को निरस्त कर दिया गया है. इस फैसले को स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है.

मामला मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ा है, जहां बीजेपी समर्थित प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया था. हालांकि बाद में निर्वाचन न्यायाधिकरण ने यह कहते हुए चुनाव को रद्द कर दिया था कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई थी और विजयी प्रत्याशी को कांग्रेस पार्षदों के वोट मिले थे, जो नियमों के विरुद्ध माने गए. इसी आधार पर न्यायाधिकरण ने परिणाम को निरस्त कर दिया था.

इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे मामले का विस्तृत परीक्षण किया और पाया कि निर्वाचन न्यायाधिकरण ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय दिया था. अदालत ने स्पष्ट कहा कि न्यायाधिकरण का काम चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर विचार करना है, न कि राजनीतिक दलों के आंतरिक अनुशासन या आचरण की निगरानी करना.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि किसी चुनाव में क्रॉस वोटिंग होती है, तो यह संबंधित राजनीतिक दल का आंतरिक विषय हो सकता है, लेकिन इसे आधार बनाकर चुनाव परिणाम को रद्द करना उचित नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में कार्रवाई का अधिकार राजनीतिक दलों या अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत हो सकता है, न कि सीधे निर्वाचन परिणाम को निरस्त करने के रूप में.

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन न्यायाधिकरण किसी भी राजनीतिक दल की भूमिका नहीं निभा सकता और उसे अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर ही निर्णय लेना चाहिए. इस टिप्पणी के साथ ही कोर्ट ने न्यायाधिकरण के आदेश को रद्द करते हुए बीजेपी प्रत्याशी के चुनाव को पुनः बहाल कर दिया.

इस फैसले के बाद मुलताई नगर परिषद अध्यक्ष पद पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत को फिर से वैध माना जाएगा. निर्णय से न केवल संबंधित पक्ष को राहत मिली है, बल्कि यह स्थानीय निकाय चुनावों में क्रॉस वोटिंग और निर्वाचन विवादों को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर भी बन सकता है.

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों में मार्गदर्शन का काम करेगा, जहां चुनाव परिणाम को चुनौती देने के लिए राजनीतिक आचरण को आधार बनाया जाता है. फिलहाल इस निर्णय के बाद क्षेत्र की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है और दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-