केदारनाथ धाम में मोबाइल और वीडियो बनाने पर सख्त पाबंदी, पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला

केदारनाथ धाम में मोबाइल और वीडियो बनाने पर सख्त पाबंदी, पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला

प्रेषित समय :21:03:28 PM / Tue, Apr 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से ठीक पहले, रुद्रप्रयाग पुलिस और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है. मंदिर परिसर की गरिमा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर के भीतर मोबाइल फोन, कैमरे और ड्रोन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अब मंदिर के गर्भगृह और परिसर में कोई भी श्रद्धालु रील (Reel) नहीं बना सकेगा और न ही वीडियोग्राफी कर पाएगा.

रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) निहारिका तोमर ने मंगलवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे. बाबा केदार की 'डोली' पहले ही धाम पहुंच चुकी है और बड़ी संख्या में भक्त भी वहां एकत्र हो गए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के मुख्य प्रांगण में किसी भी प्रकार की रील बनाने या वीडियो शूट करने की अनुमति नहीं होगी. मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने मंदिर के बाहर ही मोबाइल काउंटर और लॉकर सिस्टम की व्यवस्था की है, जहां भक्त अपने फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट सुरक्षित रख सकते हैं. एसपी निहारिका तोमर ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर की मर्यादा का सम्मान करें और वीडियोग्राफी जैसी गतिविधियों से दूर रहें. प्रशासन ने यह भी सख्त चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना भी प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने आज ही दो अनधिकृत ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की है और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है, जिसके बाद केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों का आगमन हो रहा है. प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे कड़ाके की ठंड और हालिया बर्फबारी को देखते हुए भारी ऊनी कपड़े साथ रखें. 22 अप्रैल की सुबह जब कपाट खुलेंगे, तो शंखनाद और 'केदार बाबा की जय' के उद्घोष के साथ छह महीने के शीतकालीन प्रवास के बाद एक बार फिर यह पवित्र धाम दुनिया भर के भक्तों के लिए अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के द्वार खोल देगा. इन नए नियमों का उद्देश्य भीड़भाड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखना और मंदिर की धार्मिक पवित्रता को सुरक्षित रखना है, ताकि हर श्रद्धालु शांतिपूर्वक बाबा के दर्शन कर सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-