पुलिस अधिकारियों को कैट जबलपुर से अंतरिम राहत, ओवरएज हुए पुलिस अधिकारियों की याचिका, केंद्र व राज्य सरकार से मांगा जवाब

पुलिस अधिकारियों को कैट जबलपुर से अंतरिम राहत, ओवरएज हुए पुलिस अधिकारियों की याचिका, केंद्र व राज्य सरकार से मांगा जवाब

प्रेषित समय :15:56:52 PM / Wed, Apr 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण मामले में आज सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं. अधिकरण ने 1998 बैच के तीन राज्य पुलिस अधिकारियों द्वारा दायर मूल आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की है.

आवेदकों ने याचिका में कहा था कि 56 वर्ष की आयु सीमा पार करने के बावजूद उनके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में अभ्यर्थित्व पर विचार किया जाए. उनका आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा हर पांच वर्ष में किए जाने वाले अनिवार्य कैडर रिव्यू में गंभीर देरी की गई. याचिका के अनुसार कैडर रिव्यू वर्ष 2018 में होना था, लेकिन इसे 2022 में चार साल की देरी से किया गया. इस देरी के कारण आवेदक निर्धारित आयु सीमा पार कर गए, जिससे उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए. आवेदकों का तर्क है कि वे 26-27 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हैं और नियमानुसार आईपीएस में चयन के पात्र हैं, लेकिन प्रशासनिक देरी के चलते उन्हें अवसर नहीं मिल सका.

उनका कहना है कि यदि समय पर कैडर रिव्यू होता, तो वे आयु सीमा के भीतर चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे. मामले में आवेदकों की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे और अक्षय खंडेलवाल ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि सरकारी तंत्र की देरी का खामियाजा अधिकारियों को नहीं भुगतना चाहिए. उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए न्यायालय से राहत की मांग की. कैट ने प्रथम दृष्टया मामले को आवेदकों के पक्ष में मानते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं और केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. इस आदेश को आवेदकों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रशासनिक देरी से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना आसान होगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-