ईरान में सुधरने लगे हालात, युद्ध के बाद तेहरान एयरपोर्ट से पहली बार शुरू हुईं कमर्शियल फ्लाइट्स

ईरान में सुधरने लगे हालात, युद्ध के बाद तेहरान एयरपोर्ट से पहली बार शुरू हुईं कमर्शियल फ्लाइट्स

प्रेषित समय :17:57:52 PM / Sat, Apr 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. लगातार तनाव और संघर्ष के बाद अब हालात धीरे धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं. ईरान ने एक अहम कदम उठाते हुए तेहरान से कमर्शियल उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में हुए संघर्ष विराम के बाद स्थिति में कुछ स्थिरता देखने को मिली है. लंबे समय तक बंद रहने के बाद अब हवाई सेवाओं की वापसी को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

ईरान ने खुमेनाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें दोबारा शुरू कर दी हैं. सरकारी जानकारी के अनुसार फ्लाइट्स इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए रवाना हुई हैं. यह कई हफ्तों के बाद पहली बार है जब इस एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें शुरू हुई हैं.

संघर्ष विराम के बाद लिया गया फैसला

यह कदम उस संघर्ष विराम के बाद उठाया गया है, जिसने अमेरिका और इजऱाइल के साथ चल रही सक्रिय लड़ाई को रोक दिया था. हालांकि, हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं, लेकिन यह फैसला धीरे धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने का संकेत देता है. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची पाकिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठकें कीं. बताया जा रहा है कि यह बातचीत क्षेत्रीय तनाव को कम करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए की जा रही है.

अमेरिका की भी बढ़ी पहल

व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने प्रतिनिधियों को पाकिस्तान भेजने का फैसला लिया है. इसका मकसद ईरान के साथ चल रही बातचीत को आगे बढ़ाना और संघर्ष विराम को मजबूत करना है. ईरान ने साफ किया है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत सीधे नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से होगी. इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा और दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाएगा.

इससे पहले दोनों पक्ष जिनेवा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था. इसके बाद ही क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई थी. हालांकि संघर्ष विराम हो चुका है, लेकिन इसके आर्थिक प्रभाव अभी भी दिखाई दे रहे हैं. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-