बीरगंज में विदेशी मौलानाओं का बड़ा जमावड़ा, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा चौकसी

बीरगंज में विदेशी मौलानाओं का बड़ा जमावड़ा, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा चौकसी

प्रेषित समय :20:54:02 PM / Sun, Apr 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

पटना.भारत और नेपाल की सीमा पर अचानक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह कदम नेपाल के बीरगंज में आयोजित हो रहे एक बड़े धार्मिक आयोजन के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों के मौलाना और धर्मगुरुओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके बाद बिहार से सटे सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सख्ती काफी बढ़ा दी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के वरपुर बलुवा गांव में 27 अप्रैल तक तीन दिवसीय तब्लीगी जमात का ‘इज्तिमा’ आयोजित किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय सुरक्षा तंत्र ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध या अवैध गतिविधि को रोका जा सके।

बिहार पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राज्य पुलिस की टीमें सशस्त्र सीमा बल के साथ मिलकर लगातार गश्त कर रही हैं। रक्सौल क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां भारत-नेपाल मैत्री पुल और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर निगरानी कर रहे हैं। वाहनों की चेकिंग के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि भीड़ में छिपे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आयोजनों का दुरुपयोग कुछ असामाजिक तत्व कर सकते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है।

इस बीच बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए सीमा पर निगरानी को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और प्रशासनिक सतर्कता हर हाल में बनाए रखी जाए। उन्होंने खास तौर पर मधुबनी जिले के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवांछित और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए। बैठक में राज्य के पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेष शाखा और एसटीएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की।

सशस्त्र सीमा बल से भी सीमा की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई और उन्हें गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल से भारत और भारत से नेपाल आने-जाने वाले लोगों की पूरी तरह जांच की जा रही है और किसी भी तीसरे देश के नागरिक की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों के प्रवेश पर रोक भी लगाई जा सकती है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई एहतियात के तौर पर की जा रही है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण यहां सुरक्षा बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में जब भी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की जानकारी मिलती है, तो सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। इस बार भी ठीक ऐसा ही किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और आने वाले दिनों में भी निगरानी जारी रखी जाएगी। यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों का सीधा असर सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर पड़ता है और ऐसे में समन्वित प्रयास ही सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-