थॉमस कप 2026 में भारत को चीन से करीबी हार ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहकर क्वार्टरफाइनल में एंट्री

थॉमस कप 2026 में भारत को चीन से करीबी हार ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहकर क्वार्टरफाइनल में एंट्री

प्रेषित समय :22:12:53 PM / Wed, Apr 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

डेनमार्क के हॉर्सेन्स में खेले जा रहे Thomas & Uber Cup 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को मौजूदा चैंपियन China के खिलाफ कड़े मुकाबले में 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद भारत ने ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल करते हुए क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां कई मैच आखिरी गेम तक खिंचे और नतीजा अंत में चीन के पक्ष में गया।

भारतीय टीम ने इससे पहले अपने दोनों ग्रुप मुकाबलों में Canada और Australia को हराकर नॉकआउट में प्रवेश पहले ही सुनिश्चित कर लिया था। ऐसे में चीन के खिलाफ यह मुकाबला सिर्फ ग्रुप टॉप करने के लिए था, जिसमें चीन ने बाजी मार ली। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि टीम इस टूर्नामेंट में किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती है।

पहले मैच में भारत के स्टार शटलर Lakshya Sen का सामना पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन Li Shi Feng से हुआ। लक्ष्‍य सेन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक गेम में वह लय बनाए नहीं रख सके और 19-21, 21-8, 12-21 से हार गए। इसके बाद पुरुष युगल में Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty की जोड़ी ने जबरदस्त संघर्ष दिखाया। उन्होंने पांच मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन अंततः 13-21, 21-13, 24-26 से हार झेलनी पड़ी। यह मैच पूरे मुकाबले का सबसे रोमांचक पल साबित हुआ।

तीसरे मैच में युवा खिलाड़ी Ayush Shetty ने भारत को पहली जीत दिलाई। उन्होंने विश्व रैंकिंग में 15वें स्थान पर काबिज Weng Hong Yang को कड़े मुकाबले में 17-21, 21-13, 21-15 से हराकर टीम को वापसी दिलाई। इसके बाद दूसरे युगल मुकाबले में Hariharan Amsakarunan और MR Arjun की जोड़ी से उम्मीद थी कि वे मैच को निर्णायक स्तर तक ले जाएंगे, लेकिन वे He Ji Ting और Ren Xiang Yu के खिलाफ 17-21, 13-21 से हार गए, जिससे चीन ने मुकाबले में निर्णायक बढ़त बना ली।

आखिरी मैच में अनुभवी खिलाड़ी HS Prannoy ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए Lu Guang Zu को 20-22, 21-19, 21-11 से हराया। हालांकि यह जीत भारत के लिए केवल सम्मान बचाने वाली साबित हुई, क्योंकि तब तक चीन 3-2 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका था।

इस मुकाबले ने भारतीय टीम की गहराई और संघर्ष क्षमता को उजागर किया है। खासतौर पर युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण ने टीम को संतुलन दिया है। अब भारत की नजर क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी है, जहां टीम एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन कर टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की कोशिश करेगी।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-