बरगी बांध में आंधी तूफान के बीच समाया 30 सैलानियों से भरा क्रूज , पांच शव बरामद होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बरगी बांध में आंधी तूफान के बीच समाया 30 सैलानियों से भरा क्रूज , पांच शव बरामद होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

प्रेषित समय :19:41:03 PM / Thu, Apr 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

 जबलपुर.  बरगी बांध में आज शाम एक हृदय विदारक हादसा हो गया जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. नर्मदा नदी पर बने इस विशाल जलाशय में अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और तेज हवाओं के कारण यात्रियों से भरा एक क्रूज असंतुलित होकर गहरे पानी में समा गया. इस दर्दनाक हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 30 लोग सवार बताए जा रहे हैं जो शाम के सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए वाटर स्पोर्ट्स और क्रूजिंग का आनंद ले रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पलक झपकते ही तेज लहरों के बीच क्रूज का संतुलन बिगड़ा और वह डूबने लगा जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. अब तक मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार राहत एवं बचाव दल ने पानी से 5 शव बरामद कर लिए हैं जबकि 15 लोगों को स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. शेष अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में गोताखोर युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं.

 जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित बरगी बांध में यह हादसा उस वक्त हुआ जब अचानक मौसम ने करवट ली और भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी चलने लगी. बताया जा रहा है कि क्रूज बीच लहरों में फंसा हुआ था और इंजन उसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था लेकिन कुदरत के कहर के आगे तकनीक नाकाम साबित हुई और पानी का दबाव बढ़ने से नाव पलट गई. घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं. मोटर बोट और स्पीड बोट के जरिए जलाशय के बड़े हिस्से में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों में इस घटना को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और आला अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. बरगी बांध जो अपनी विशालता और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के रिसोर्ट के लिए जाना जाता है वहां सुरक्षा मानकों को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज को गहरे पानी में जाने की अनुमति कैसे दी गई.

अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्रशासन ने लाइटों का इंतजाम कर लापता लोगों की खोज जारी रखी है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लिया है और घायलों के समुचित इलाज व बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. बांध के किनारे बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा है जिनके चेहरों पर दहशत साफ देखी जा सकती है. 51 साल पुराने इस बांध के इतिहास में यह एक बड़ी और दुखद जल त्रासदी मानी जा रही है क्योंकि नर्मदा नदी पर बने 30 बांधों में बरगी सबसे अहम है और यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में सैलानी पहुंचते हैं. फिलहाल अस्पताल पहुंचाए गए घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे या फिर लाइफ जैकेट जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों के वितरण में कोई लापरवाही बरती गई थी. समूचे जबलपुर संभाग में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-