जबलपुर. प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र बरगी बांध में गुरुवार शाम कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि खुशियां मातम में तब्दील हो गई। नर्मदा नदी के बैकवॉटर में सैलानियों को सैर करा रहा मध्य प्रदेश पर्यटन निगम का एक क्रूज अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और तेज लहरों के कारण अपना संतुलन खो बैठा और खमरिया टापू के पास गहरे पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 29 यात्री सवार थे, जिनमें से अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। स्थानीय गोताखोरों और रेस्क्यू फोर्स की त्वरित कार्रवाई के चलते 15 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, हादसे के बाद से अभी भी 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में मोटर बोट और स्पीड बोट के जरिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
हादसे की खबर मिलते ही जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय दल-बल के साथ बरगी बांध पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। बरगी सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार, क्रूज में बैठने के लिए कुल 29 टिकट जारी किए गए थे और शाम लगभग 6 बजे जब मौसम अचानक बिगड़ा, तो तेज हवाओं के दबाव में क्रूज अनियंत्रित हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, बांध में उठी ऊंची लहरों ने क्रूज को संभलने का मौका नहीं दिया और देखते ही देखते वह पलट गया। कुछ सैलानियों ने तैरकर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग पानी की गहराई में फंस गए।
जबलपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित इस बांध पर हुए हादसे ने सुरक्षा इंतजामों और खराब मौसम में क्रूज संचालन की अनुमति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हृदय विदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शोक संतप्त परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए हर संभव संसाधन का उपयोग किया जा रहा है और रेस्क्यू ऑपरेशन रात में भी जारी रहेगा।
वर्तमान में बरगी बांध के तट पर भारी पुलिस बल तैनात है और लापता लोगों के परिजनों की भीड़ जमा है। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन एसडीआरएफ की टीमें लाइटों के सहारे पानी के भीतर तलाशी अभियान चला रही हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारियों से भी इस चूक को लेकर पूछताछ की जा रही है कि आखिर तूफान की चेतावनी के बावजूद क्रूज का संचालन क्यों नहीं रोका गया। जबलपुर संभाग के प्रभारी एसीएस और एडीजी भी मौके पर रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। जबलपुर में इस बड़ी जल त्रासदी के बाद पूरे जिले में शोक की लहर है और लोग सुरक्षित निकाले गए यात्रियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान बचे हुए लापता लोगों को तलाशने पर केंद्रित है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

