जबलपुर क्रूज हादसे के बाद जागी वाराणसी की नींद, गंगा में बिना लाइफ जैकेट चल रही 24 नावें जब्त

जबलपुर क्रूज हादसे के बाद जागी वाराणसी की नींद, गंगा में बिना लाइफ जैकेट चल रही 24 नावें जब्त

प्रेषित समय :20:19:54 PM / Sat, May 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

वाराणसी. जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे की गूंज अब धर्मनगरी वाराणसी के घाटों पर भी सुनाई दे रही है जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बरगी बांध में "नर्मदा क्वीन" क्रूज के डूबने से हुई जनहानि के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जिला प्रशासन और जल पुलिस ने संयुक्त रूप से गंगा की लहरों पर चलने वाली नावों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई में गंगा के विभिन्न घाटों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया.

जिसमें सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली 24 नावों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। इन सभी नावों में यात्रियों के लिए अनिवार्य लाइफ जैकेट नहीं पाए गए थे और नाविकों के पास सुरक्षा के अन्य प्राथमिक संसाधन भी नदारद थे। जबलपुर हादसे से सबक लेते हुए वाराणसी प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्यटकों की जान के साथ किसी भी तरह का समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले नाविकों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और मणिकर्णिका घाट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शनिवार सुबह से ही जल पुलिस की टीमें सक्रिय रहीं और हर छोटी-बड़ी नाव की बारीकी से जांच की गई। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से नाविकों के बीच हड़कंप मच गया और कई नाविक अपनी नावें किनारे लगाकर भागते हुए भी नजर आए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान पाया गया कि कई बड़ी नावों पर क्षमता से अधिक पर्यटकों को बिठाया गया था और उन पर लाइफ जैकेट के नाम पर केवल फटे-पुराने और अनुपयोगी जैकेट रखे हुए थे जो आपातकालीन स्थिति में किसी भी काम के नहीं थे। जबलपुर के बरगी बांध हादसे में जिस तरह से सुरक्षा प्रोटोकॉल और मौसम के अलर्ट की अनदेखी की गई थी उसी को ध्यान में रखते हुए वाराणसी प्रशासन ने अब गंगा में भी "येलो अलर्ट" और खराब मौसम के दौरान नौका संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

वाराणसी के जिलाधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर की घटना एक बड़ी चेतावनी है और हम वाराणसी के घाटों पर ऐसी किसी भी दुर्घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने दे सकते। जब्त की गई 24 नावों के मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है और उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में बिना सुरक्षा मानकों के नौका संचालन पाया गया तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने अब गंगा में चलने वाली हर नाव के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य कर दिया है और जो पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के नाव पर बैठे मिलेंगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही नावों के फिटनेस सर्टिफिकेट और नाविकों के अनुभव की भी नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गंगा की लहरों पर पर्यटकों का सफर पूरी तरह से सुरक्षित हो।

इस देशव्यापी अलर्ट और प्रशासनिक सख्ती का असर अब वाराणसी आने वाले पर्यटकों पर भी दिखने लगा है। घाटों पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे केवल उन्हीं नावों पर सवार हों जिनमें पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध हों। जबलपुर के हादसे ने पूरे देश के जल पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और इसी वजह से वाराणसी प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा जिसमें नावों की भार वहन क्षमता और आपातकालीन बचाव दल की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जबलपुर की त्रासदी ने शासन-प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पर्यटन के आनंद के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा ही सर्वोपरि होनी चाहिए और वाराणसी की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-