विद्युत उपभोक्ताओं को फिर लगेगा बिल बढ़ोत्तरी का झटका, 4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा

विद्युत उपभोक्ताओं को फिर लगेगा बिल बढ़ोत्तरी का झटका, 4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा

प्रेषित समय :20:38:36 PM / Sat, May 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी सहित जबलपुर में विद्युत उपभोक्ताओं को एक फिर बिलों में बढ़ोत्तरी का झटका दिया गया है. अब आम आदमी को 4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा. मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल 2026 के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज की नई दर 5.36 प्रतिशत तय कर दी है. इसके बाद मई 2026 से कुल 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि मार्च 2026 में यह दर ऋ णात्मक 0.63 प्रतिशत थी. राज्य में पहले अप्रैल 2026 से 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. इस तरह लगातार हो रही वृद्धि से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं और अधिकारी इस पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं.

बताया गया है कि नियमों के अनुसार यदि सरचार्ज 5 प्रतिशत से अधिक हो जाता है, तो 5 प्रतिशत की वसूली अपने आप होती है. बाकी बची राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा भी फॉर्मूले से अपने आप लिया जाता है. अप्रैल 2026 के लिए बची राशि 0.40 प्रतिशत थी, जिसका 90 प्रतिशत 0.36 प्रतिशत होता है, इसे 5 प्रतिशत में जोडऩे पर कुल 5.36 प्रतिशत सरचार्ज बनता है, जो 24 अप्रैल 2026 से 1 महीने के लिए लागू किया गया है. जानकारी के अनुसार,फरवरी 2026 में कुल 8,492,730,417 ंिकलो वॉट बिजली खरीदी गई, इसमें से 335,678,710 ंिकलो वॉट बिजली बाहर बेची गई. शुद्ध बिजली 8,157,051,707 बची. इसके अलावा वास्तविक औसत लागत 3.97 रुपये प्रति यूनिट आई, जबकि अनुमानित लागत 3.66 रुपये प्रति यूनिट थी? राज्य के बाहर से 5,403,616,295 ंिकलो वॉट बिजली खरीदी गई.

जिसकी अंतर-राज्यीय हानि 3.62 प्रतिशत रही. राज्य के भीतर से 3,089,114,122 ंिकलो वॉट बिजली खरीदी गई, जिसकी हानि 2.61 प्रतिशत रही. पीएमसी के मुख्य महाप्रबंधक शैलेंद्र सक्सेना ने सभी कंपनियों को यह आदेश भेज दिया है इसे कंपनी की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए आईटी विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं. हालांकि इस भारी बढ़ोतरी पर अधिकारियों की तरफ से कोई सफाई नहीं दी गई है. इधर,जनता को भी अब तक कुछ भी खबर नहीं है और न ही राज्य सरकार की ओर से कोई जानकारी दी गयी है. बिजली मामलों के जानकार राजेंद्र अग्रवाल ने इस मामले में कहा कि यह राज्य सरकार और बिजली कंपनियों की बड़ी नाकामी है. सारे साधन-संसाधन होने के बावजूद वे लगातार पब्लिक पर बोझ डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि गुपचुप बढ़ोतरी करने के बजाय कंपनी को अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करना चाहिए. इस ताबड़तोड़ बढ़ोतरी से आम जनता का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है और लोगों में भारी आक्रोश है.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-