तिरुवनंतपुरम. केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूंजार सीट से उम्मीदवार पी.सी. जॉर्ज ने एक सनसनीखेज दावा कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. सात बार विधायक रह चुके जॉर्ज ने आत्मविश्वास की सारी हदें पार करते हुए सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह अपनी जीत को लेकर इतने आश्वस्त हैं कि इसके लिए 1 करोड़ रुपये की शर्त लगाने को तैयार हैं. उन्होंने एक टीवी चैनल के माध्यम से विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जो कोई भी उनकी जीत पर संदेह करता है, वह उनके साथ यह शर्त लगा सकता है.
केरल की 140 सीटों के लिए हुए मतदान के नतीजे सोमवार 4 मई को आने हैं, लेकिन उससे पहले पी.सी. जॉर्ज का यह 'करोड़पति दांव' सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक चर्चा का विषय बना हुआ है. जॉर्ज ने न केवल अपनी शानदार जीत का दावा किया, बल्कि यह भी भविष्यवाणी की है कि उनके बेटे शोन जॉर्ज भी पड़ोसी सीट पाला से विजयी होकर सदन पहुंचेंगे. उनका मानना है कि पिता-पुत्र की यह जोड़ी इस बार एक साथ विधानसभा में प्रवेश कर नया इतिहास रचेगी. जॉर्ज ने यह भी अनुमान जताया है कि इस बार केरल में भारतीय जनता पार्टी (NDA) लगभग 11 सीटों पर ऐतिहासिक बढ़त हासिल कर सकती है.
विवादों से पुराना नाता रखने वाले पी.सी. जॉर्ज ने चुनाव परिणामों के त्रिकोणीय होने की संभावना जताई है. उनके अनुसार, राज्य में किसी भी गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलना मुश्किल है. हालांकि उन्होंने कांग्रेस नीत यूडीएफ को सबसे ज्यादा सीटें मिलने की बात कही है, लेकिन बीजेपी की भूमिका को निर्णायक बताया है. गौरतलब है कि जॉर्ज ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी 'केरल जनपक्षम् (सेक्युलर)' का बीजेपी में विलय कर दिया था और अब वे पहली बार कमल के निशान पर चुनावी मैदान में हैं.
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पूंजार सीट पर मुकाबला इस बार बेहद कड़ा है. पी.सी. जॉर्ज का मुकाबला वर्तमान विधायक कुलंथुंकल और यूडीएफ के साजी जोसेफ से है. अपने विवादित बयानों और 'लव जिहाद' जैसे मुद्दों पर अपनी मुखर राय रखने वाले जॉर्ज के लिए यह चुनाव उनकी राजनीतिक साख की सबसे बड़ी परीक्षा है. अब देखना यह होगा कि 4 मई की सुबह जब ईवीएम मशीनें खुलेंगी, तो पी.सी. जॉर्ज का यह 1 करोड़ का आत्मविश्वास उन्हें सदन तक पहुंचाता है या उनके दावों की हवा निकलती है. फिलहाल, केरल की जनता और पूरे देश की नजरें कल होने वाली मतगणना पर टिकी हैं.
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