रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजनीति में वार-पलटवार का दौर एक बार फिर गरमा गया है. हालिया चुनाव परिणामों के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस आलाकमान पर तीखा हमला बोला है. साव ने दो टूक शब्दों में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के बाद अब दूसरे राज्यों की जनता ने भी कांग्रेस की नीतियों को नकारना शुरू कर दिया है.
"फ्लॉप जोड़ी" पर साव का तंज
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल और राहुल गांधी की जोड़ी पर निशाना साधते हुए कहा:
"भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है. अब दूसरे राज्यों के लोग उन्हें क्यों सुनेंगे? इतिहास गवाह है कि जहाँ-जहाँ राहुल गांधी और भूपेश बघेल के पैर पड़ेंगे, वहां कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ेगा."
उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अब तक 99 चुनाव हार चुकी है, जो पार्टी की गिरती साख का प्रमाण है.
कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का समर्थन करते हुए डिप्टी सीएम ने कांग्रेस की विचारधारा को 'देश विरोधी' करार दिया. उनके बयान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
अर्बन नक्सल का आरोप: साव ने कहा कि कांग्रेस की मौजूदा गतिविधियां 'अर्बन नक्सल' की तरह हैं.
राष्ट्रहित के विपरीत: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कम्युनिस्ट विचारधारा को अपनाकर देश के हितों के खिलाफ काम कर रही है.
नेतृत्व का संकट: साव के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व पूरी तरह दिशाहीन हो चुका है.
संगठन में कलह और 'अपनों' की जंग
महिला कांग्रेस की कमान संगीता सिन्हा को सौंपे जाने पर भी अरुण साव ने चुटकी ली. उन्होंने इसे पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा बताया. साव ने कहा:
आपसी सिरफुटव्वल: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेता आपस में ही लड़ रहे हैं, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है.
कार्यकर्ताओं का पलायन: नेताओं के आपसी झगड़ों और खींचतान से परेशान होकर जमीनी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं.
पार्टी को डुबाने की कोशिश: डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता ही अपनी पार्टी की लुटिया डुबाने में लगे हुए हैं.
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