शिवानी सुकाले नाम की एक भारतीय युवती ने विदेश में बिताए अपने एक साल के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अमेरिका में रहना धीरे-धीरे उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया. सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत लौटने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अब उनका दिल दो अलग-अलग जगहों से जुड़ चुका है.
अमेरिका में रहने वाली शिवानी सुकाले ने अपने वीडियो में बताया कि एक साल बाद जब वह दिसंबर में पहली बार भारत लौटीं, तो वह बेहद भावुक थीं. उन्होंने कहा कि फ्लाइट में बैठते समय उनके मन में सिर्फ अपने परिवार, दोस्तों, दादी, अपने कमरे और यहां तक कि बालकनी के छोटे से बगीचे की यादें घूम रही थीं. उनके मुताबिक जिन चीजों को वह पहले सामान्य समझती थीं, वही अचानक सबसे अनमोल लगने लगीं.
शिवानी ने कहा कि विदेश में बिताया गया एक साल उनके जीवन में कई बदलाव लेकर आया. इस दौरान उन्होंने दो अलग-अलग राज्यों में रहकर नई जगहों को देखा, काम किया, नए लोगों से दोस्ती की और खुद को पहले से ज्यादा समझा. उन्होंने बताया कि भारत लौटने की खुशी के साथ उनके भीतर एक अजीब-सी भावना भी थी, जैसे वह किसी और जगह को पीछे छोड़कर आ रही हों.
वीडियो में उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनका असली घर कौन-सा है. लेकिन भारत पहुंचकर परिवार से मिलने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वह दो घरों के बीच किसी एक को चुन नहीं रही हैं. उनके मुताबिक लगातार शहर बदलने, अकेले रहने और अपने देश को याद करने के बीच अमेरिका भी धीरे-धीरे बिना बताए उनके जीवन का दूसरा घर बन गया.
शिवानी ने कहा कि यह एहसास उनके लिए काफी अलग और अप्रत्याशित था. उन्होंने माना कि नया देश भारत जैसा नहीं है, लेकिन वहां भी उन्हें एक अलग तरह का अपनापन महसूस होने लगा है. वीडियो के अंत में उन्होंने अपनी यात्रा को “पागलपन भरी लेकिन बेहद रोमांचक” बताया.
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उससे खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया. कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विदेश में रहने के बाद “घर” सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि एक भावना बन जाता है. एक यूजर ने लिखा कि एक घर छोड़कर दूसरे घर की ओर बढ़ने का अपराधबोध सचमुच बहुत वास्तविक होता है. वहीं दूसरे लोगों ने कहा कि विदेश में रहना इंसान को उन तरीकों से बदल देता है, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होती.
कई भारतीय छात्र और पेशेवर जो पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश जाते हैं, उन्होंने भी शिवानी की बातों से सहमति जताई. लोगों का कहना था कि लंबे समय तक अपने देश से दूर रहने के बाद व्यक्ति दो अलग-अलग दुनियाओं के बीच खुद को बांटा हुआ महसूस करता है. एक ओर जन्मभूमि से जुड़ी भावनाएं होती हैं, तो दूसरी ओर नया देश धीरे-धीरे जीवन का हिस्सा बन जाता है.
शिवानी सुकाले का यह वीडियो सोशल मीडिया पर उन लोगों के अनुभवों की आवाज बनकर उभरा है, जो विदेश में रहकर अपनी पहचान, अपनापन और घर की परिभाषा को नए तरीके से समझने लगते हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

