आईपीएल का रोमांच टीवी से मोबाइल पर शिफ्ट डिजिटल व्यूअरशिप ने तोड़े रिकॉर्ड

आईपीएल का रोमांच टीवी से मोबाइल पर शिफ्ट डिजिटल व्यूअरशिप ने तोड़े रिकॉर्ड

प्रेषित समय :20:12:46 PM / Sat, May 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

Indian Premier League 2026 का 19वां सीजन भारतीय खेल प्रसारण की दुनिया में बड़े बदलाव का संकेत देता नजर आ रहा है। एक समय ऐसा था जब आईपीएल मैचों के दौरान घरों में टीवी स्क्रीन के सामने पूरा परिवार जुट जाता था, लेकिन अब दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है। ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि क्रिकेट का क्रेज कम नहीं हुआ है, बल्कि मैच देखने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। टीवी दर्शकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आईपीएल ने नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं।

BARC इंडिया और TAM स्पोर्ट्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल 2026 के पहले हाफ में टीवी व्यूअरशिप में बड़ी गिरावट देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार टीवी रेटिंग में 18.8 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि औसत दर्शक संख्या करीब 26 प्रतिशत तक घट गई। पिछले सीजन की तुलना में टीवी पहुंच भी कमजोर हुई है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या आईपीएल का आकर्षण कम हो रहा है या फिर दर्शक किसी नए प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं।

हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू पूरी तरह अलग कहानी बयां करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आईपीएल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। JioStar की रिपोर्ट के अनुसार सीजन के शुरुआती वीकेंड में ही 51.5 करोड़ से अधिक डिजिटल दर्शकों ने मैच देखे। इतना ही नहीं, कुल 3,200 करोड़ मिनट का वॉच टाइम दर्ज किया गया, जो भारतीय डिजिटल स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। इससे साफ है कि दर्शक क्रिकेट से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि टीवी स्क्रीन छोड़कर मोबाइल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती तकनीक और युवा पीढ़ी की आदतों ने इस बदलाव को तेज किया है। अब लोग पूरे चार घंटे टीवी के सामने बैठकर मैच देखने के बजाय स्मार्टफोन पर लाइव स्कोर, छोटे वीडियो, हाइलाइट्स और सोशल मीडिया अपडेट देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई दर्शक कनेक्टेड टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म के जरिए मैच स्ट्रीम कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक टीवी व्यूअरशिप प्रभावित हुई है।

आईपीएल व्यूअरशिप में बदलाव के पीछे एक और बड़ी वजह ‘क्रिकेट फटीग’ यानी क्रिकेट से जुड़ी थकान को भी माना जा रहा है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार लगातार हाई स्कोरिंग मैचों ने खेल के रोमांच को प्रभावित किया है। अब लगभग हर मुकाबले में 220 से ज्यादा रन बनना आम बात हो गई है। सपाट पिचों और लगातार छक्कों की बारिश के कारण मैचों में संतुलन कम होता दिख रहा है। फैंस का कहना है कि कुछ साल पहले 200 रन का लक्ष्य असंभव जैसा लगता था, लेकिन अब 225 रन भी आसानी से चेज़ हो जाते हैं। इससे मुकाबलों का तनाव और रोमांच पहले जैसा महसूस नहीं होता।

इस बदलाव का असर विज्ञापन बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला तथ्य टीवी विज्ञापनदाताओं की संख्या में 31 प्रतिशत की गिरावट का सामने आना है। विशेषज्ञों का कहना है कि फैंटेसी गेमिंग और बेटिंग ऐप्स पर बढ़ती सख्ती और पाबंदियों ने टीवी विज्ञापन बाजार को प्रभावित किया है। इसके अलावा अब ब्रांड्स अपनी मार्केटिंग रणनीति बदल रहे हैं। कंपनियां टीवी विज्ञापनों के बजाय डिजिटल कैंपेन, सोशल मीडिया प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग पर ज्यादा निवेश कर रही हैं, क्योंकि वहां उन्हें युवा दर्शकों तक ज्यादा प्रभावी पहुंच मिल रही है।

फैंटेसी क्रिकेट प्लेटफॉर्म्स और लाइव इंटरैक्टिव फीचर्स ने भी डिजिटल व्यूअरशिप को मजबूत किया है। दर्शक अब सिर्फ मैच देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे फैंटेसी टीम बनाकर, लाइव पोल में हिस्सा लेकर और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देकर खुद को खेल से ज्यादा जुड़ा महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म दर्शकों को अधिक व्यक्तिगत और इंटरैक्टिव अनुभव देने में सफल साबित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल का क्रेज खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिस तरह कभी रेडियो से टीवी की ओर दर्शकों का रुझान बढ़ा था, उसी तरह अब टीवी से मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बदलाव दिखाई दे रहा है। 2026 का आईपीएल सीजन भारतीय स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के लिए एक टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है, जहां पहली बार डिजिटल व्यूअरशिप ने पारंपरिक टीवी मॉडल को खुली चुनौती दी है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव और तेज हो सकता है, क्योंकि नई पीढ़ी तेजी से ऑन-डिमांड और मोबाइल-फर्स्ट कंटेंट की ओर बढ़ रही है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-