जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित सिहोरा में आज उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब सिविल न्यायालय के पीछे चल रही पानी की पाउच पैकिंग फैक्टरी पर खाद्य खाद्य विभाग की टीम ने दबिश दी. अधिकारियों ने देखा कि आंगन में गंदगी के बीच मशीन से पानी की पैकिंग की जा रही है. टीम के अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में पानी के पाउच बरामद करते मशीन को सील कर दिया है.
इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सिहोरा सिविल न्यायालय के पीछे मयंक त्रिपाठी नामक व्यक्ति अपने दो मंजिला मकान में पानी के पाउच की फैक्ट्री संचालित कर रहा था. जिसे दो माह पहले मौके पर गंदगी मिलने और भारतीय खाद्य संरक्षण मानक प्राधिकरण की गाइडलाइन पर खरा नहीं उतरने पर बंद कर दिया था. इसके बाद भी यह चोरी छिपे फैक्ट्री को खोलकर काम कर रहा था. खबर मिलते ही आज टीम के अधिकारी पहुंच गए, जिन्होने मौके पर जाकर देखा तो ऊपर आरओ की मशीन लगी हुई थी, जबकि नीचे आंगन में पानी के पाउच पैक किए जा रहे थे, जहां पर गंदगी थी.
खाद्य अधिकारी का कहना है कि खुले आसमान हाई रिस्क से पानी के पाउच तैयार करना और फिर उसे बाजार में बेचना गंभीर अपराध है. यही वजह है कि पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की और मशीन को सील कर दिया. खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी मयंक त्रिपाठी रीवा के एक शख्स से पानी पाउच का प्लास्टिक रोल खरीदकर लाया था. उन्होंने बताया कि मयंक एक साल से फैक्ट्री संचालित कर रहा है. दो माह पहले ही खाद्य विभाग ने रजिस्टेशन कैंसिल कर दिया था, जिसके बाद से अक्सर रात को या फिर छुट्टी वाले दिन फैक्ट्री खोलकर पानी के पाउच तैयार किए जाते थे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

