जबलपुर के महाकोशल यूनिवर्सिटी में कुलगुरु-कुलसचिव गुट आपस में उलझे, जमकर चले लात घूंसे

जबलपुर के महाकोशल यूनिवर्सिटी में कुलगुरु-कुलसचिव गुट आपस में उलझे, जमकर चले लात घूंसे

प्रेषित समय :15:54:41 PM / Sat, May 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. निजी विश्वविद्यालयों के खुलने के बाद शिक्षा का बड़ी तेजी से व्यवसायीकरण हुआ है. यहां से होने वाली कमाई को लेकर अब संघर्ष शुरू हो गए हैं. ताजा मामला महाकोशल यूनिवर्सिटी (प्राइवेट) में प्रकाश में आया है. यहां बंदरबांट के चक्कर में कुलगुरु और कुलसचिव के गुट आपस में भिड़ गए.

दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे और बेसबॉल के बल्ले चले. जिसके बाद दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत दी है. सबसे मजे की बात तो यह है कि पूरा घटनाक्रम महाकोशल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति के सामने हुआ. इस विवाद की जड़ परीक्षा परिणामों की घोषणा में बड़े लेने देने को बताया जा रहा है.

7 मई से चल रहा है घटनाक्रम

महाकोशल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु आरसी मिश्रा और कुलसचिव रामप्रकाश चौबे चल रहा विवाद 7 मई को खुलकर सामने आ गया था. बताया जाता है कि पहले कुलसचिव कार्यालय पहुंचे विश्वविद्यालय के कर्मचारी रामेश्वर रघुबंशी और फार्मेसी विभाग के शिक्षक अमन शुक्ला का विवाद हो गया. सूत्रों की मानें तो इस दौरान पिस्तौल दिखाकर कुलसचिव को धमकाया गया, जिसका परिणाम यह हुआ था कि कुलसचिव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि बाद में कुलसचिव ने इस बात की शिकायत थाने में देते हुए बताया कि इस्तीफा जबरन लिखवाया गया था.

आनन-फानन में सागर से आए कुलाधिपति

महाकोशल युनिवर्सिटी में चल रहे विवाद की भनक जैसे ही कुलाधिपति डॉ. अनिल तिवारी को लगी, वो सागर से जबलपुर पहुंचे और 8 मई को दोनों पक्षों की बैठक बुलाई. सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान कुलसचिव और कुलगुरु गुट के लोगों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई. इस मामले में कर्मचारी रामेश्वर रघुवंशी द्वारा तिलवारा थाना में दी गई शिकायत में बताया गया है कि विवाद के दौरान कुलाधिपति के साथ सागर से आए युवकों ने उसके साथ व उसके साथी अमल शुक्ला के साथ जमकर मारपीट की. वहीं कुलगुरु आरसी मिश्रा द्वारा लिखित शिकायत में बताया गया है कि बैठक के दौरान कुलसचिव के गुर्गो ने मारपीट की है.

देर-रात हुई तोडफ़ोड़

खबर यह भी है कि कुलाधिपति के सामने हुए विवाद के बाद युनिवर्सिटी कैंपस में 8 मई की देर शाम घूस आए कुछ युवकों ने जमकर तोडफ़ोड़ की. सूत्र बताते हैं कि उक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी रामेश्वर रघुवंशी के साथ हुई मारपीट के बाद उसके समर्थन में विश्वविद्यालय पहुंचे थे. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-