जबलपुर. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की ऑनलाइन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया है, लेकिन इसके साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्ती भी बढ़ा दी गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें यात्री ऑनलाइन बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद भी पुराने स्टेशन से ट्रेन में सवार हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में यात्रियों को बिना अनुमति यात्रा करने वाला माना जाएगा और उनसे अतिरिक्त किराया व जुर्माना दोनों वसूले जा सकते हैं. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद नए नियमों का पूरी तरह पालन करें, अन्यथा कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यात्रा के दौरान यात्रियों की बदलती जरूरतों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने ई-टिकट धारकों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा दी है. कई बार टिकट बुक कराने के बाद यात्रियों की यात्रा योजना बदल जाती है और उन्हें किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है. ऐसी परिस्थितियों में यात्री ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं. हालांकि इसके लिए निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन करना अनिवार्य है.
रेलवे के नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री ट्रेन शुरू होने से कम से कम 24 घंटे पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलता है तो उसे यह सुविधा मिल सकती है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में पुराने स्टेशन से नए स्टेशन तक के किराए का रिफंड नहीं मिलेगा. उदाहरण के तौर पर यदि किसी यात्री ने जबलपुर से दिल्ली तक का टिकट लिया है और बाद में वह कटनी या इटारसी से ट्रेन पकड़ने का निर्णय लेता है, तो उसे पुराने बोर्डिंग स्टेशन से नए बोर्डिंग स्टेशन तक का अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा. रेलवे का कहना है कि सीट पहले से आरक्षित रहने के कारण उस हिस्से का किराया वापस नहीं किया जाता.
हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में रेलवे रिफंड देने पर विचार करता है. यदि ट्रेन रद्द हो जाती है, संबंधित कोच नहीं लगाया जाता या ट्रेन तीन घंटे से अधिक की देरी से चलती है तो सामान्य रिफंड नियम लागू किए जाते हैं. अधिकारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में यात्री रेलवे के निर्धारित नियमों के तहत दावा कर सकते हैं.
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद मूल स्टेशन से यात्रा करने का अधिकार स्वतः समाप्त हो जाता है. यदि यात्री ने अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलकर किसी दूसरे स्टेशन को चुन लिया है तो उसे उसी नए स्टेशन से यात्रा शुरू करनी होगी. यदि वह पुराने स्टेशन से ट्रेन में सवार होता पाया जाता है तो उसे नियम उल्लंघन माना जाएगा. टिकट जांच के दौरान ऐसे यात्रियों से मूल स्टेशन से नए बोर्डिंग स्टेशन तक का किराया और जुर्माना दोनों वसूला जा सकता है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कई यात्री नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी में पड़ जाते हैं, इसलिए यात्रियों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्रा से पहले टिकट की स्थिति अवश्य जांच लेनी चाहिए.
रेलवे ने कुछ परिस्थितियों में बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा पर रोक भी लगाई है. यदि किसी यात्री की टिकट किसी कारणवश जब्त कर ली गई हो तो वह अपना बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल सकता. इसी प्रकार विकल्प योजना यानी ऑप्शन स्कीम के तहत जारी टिकटों में भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती. रेलवे का कहना है कि ऐसी टिकटों में सीट आवंटन और यात्रा व्यवस्था अलग प्रक्रिया के तहत तय होती है, इसलिए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं दी जाती.
ऑनलाइन बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा केवल ई-टिकट धारकों को उपलब्ध है. यदि किसी यात्री ने ऐसा टिकट बुक कराया है जिसकी भौतिक प्रति डाक से भेजी जाती है, तो उसके लिए ऑनलाइन संशोधन संभव नहीं होगा. ऐसे यात्रियों को रेलवे आरक्षण केंद्र या काउंटर से संपर्क करना पड़ सकता है. इसके अलावा करंट बुकिंग टिकट में भी बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं दी जाती, क्योंकि ऐसी टिकटें यात्रा समय के बेहद करीब जारी की जाती हैं और उनमें बदलाव की गुंजाइश कम होती है.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है. यात्री आइआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप पर लॉगिन करके बुक्ड टिकट हिस्ट्री सेक्शन में जा सकते हैं. वहां संबंधित टिकट का चयन करने के बाद “चेंज बोर्डिंग पॉइंट” विकल्प दिखाई देता है. यात्री अपनी सुविधा के अनुसार नया स्टेशन चुन सकते हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे सिस्टम में नया बोर्डिंग स्टेशन अपडेट हो जाता है और उसी के अनुसार यात्रा मान्य होती है.अधिकारियों का कहना है कि गर्मी की छुट्टियों, त्योहारी सीजन और विशेष ट्रेनों के दौरान बोर्डिंग स्टेशन बदलने के मामलों में तेजी आती है. बड़ी संख्या में यात्री यात्रा योजनाओं में बदलाव करते हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

