जबलपुर में कचरा नहीं, अब जरूरतमंदों तक पहुंचेगा सहारा थ्री आर ऑन व्हील बना सेवा और स्वच्छता का नया मॉडल

जबलपुर में कचरा नहीं, अब जरूरतमंदों तक पहुंचेगा सहारा थ्री आर ऑन व्हील बना सेवा और स्वच्छता का नया मॉडल

प्रेषित समय :22:54:56 PM / Mon, May 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर.संस्कारधानी जबलपुर एक बार फिर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। नगर निगम जबलपुर द्वारा शुरू की गई “थ्री आर ऑन व्हील” पहल ने शहर में अपशिष्ट प्रबंधन की परिभाषा ही बदल दी है। अब घरों में अनुपयोगी पड़े पुराने कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने और अन्य उपयोगी सामग्री कचरे के ढेर में जाने के बजाय जरूरतमंद लोगों के जीवन में राहत और मुस्कान लेकर पहुंच रही है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह अभिनव पहल स्वच्छता के साथ सामाजिक सेवा का भी बड़ा माध्यम बनती जा रही है।

नगर निगम की यह नई व्यवस्था शहरवासियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अक्सर घरों में ऐसी कई वस्तुएं जमा हो जाती हैं जो उपयोग में नहीं रहतीं, लेकिन उनकी स्थिति इतनी अच्छी होती है कि उन्हें फेंकना भी उचित नहीं लगता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने “थ्री आर ऑन व्हील” मोबाइल वाहन की शुरुआत की। यह वाहन अब शहर के अलग-अलग वार्डों, कॉलोनियों और गलियों में पहुंचकर लोगों से सीधे उनके घरों से अनुपयोगी लेकिन उपयोग के योग्य सामान एकत्र कर रहा है।

इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य कचरे की मात्रा को कम करना और उपयोगी वस्तुओं को पुनः जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। नगर निगम का मानना है कि यदि वस्तुओं का पुनः उपयोग बढ़ेगा तो लैंडफिल साइटों पर कचरे का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यही कारण है कि इस अभियान को केवल स्वच्छता अभियान नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता और संवेदनशीलता से जुड़ी मुहिम माना जा रहा है।

नगर निगम द्वारा एकत्रित की गई सामग्री को शहर के 13 प्रमुख थ्री आर केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इनमें ग्वारीघाट, दीनदयाल बस स्टैंड, हनुमानताल, सिविक सेंटर, घंटाघर, त्रिपुरी, रांझी और कांचघर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी आवश्यकता के अनुसार कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने और अन्य सामग्री सम्मानपूर्वक प्राप्त कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में जरूरतमंदों की गरिमा और आत्मसम्मान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि “थ्री आर ऑन व्हील” अभियान का मकसद केवल शहर को स्वच्छ बनाना नहीं बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करना है। “बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। शहर के कई परिवार अब स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों का अतिरिक्त सामान निगम के वाहनों को सौंप रहे हैं ताकि वह किसी जरूरतमंद के काम आ सके।

शहर में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। जहां एक ओर सड़कों और कॉलोनियों में कचरे की मात्रा कम हो रही है, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों को रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की योजनाएं समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती हैं और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

नगर निगम ने इस अभियान को शहर के हर हिस्से तक पहुंचाने के लिए रणनीतिक रूप से केंद्रों का चयन किया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में जरूरत के अनुसार थ्री आर केंद्रों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस पहल का हिस्सा बन सकें।

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि जबलपुर लगातार स्वच्छता के क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहा है और “थ्री आर ऑन व्हील” उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। वहीं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि आधुनिक कचरा प्रबंधन केवल तकनीकी व्यवस्था नहीं बल्कि सामाजिक सोच और जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। यदि नागरिक जागरूक होकर अनुपयोगी वस्तुओं को सही माध्यम तक पहुंचाएं तो इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी मदद मिल सकती है।

इस पहल के चलते जबलपुर अब एक जिम्मेदार, संवेदनशील और पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। यदि नागरिक इसी तरह सहयोग करते रहे तो आने वाले समय में जबलपुर न केवल स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करेगा बल्कि जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी देश के लिए मिसाल बन सकता है। “थ्री आर ऑन व्हील” ने यह साबित कर दिया है कि थोड़ी सी जागरूकता और सामूहिक प्रयास से कचरा भी किसी के जीवन में उम्मीद और खुशियां ला सकता है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-