जबलपुर.महाकौशल क्षेत्र में आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग से रात आठ बजे तक मिली ताजा जानकारी के अनुसार रविवार को जबलपुर का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ते हुए 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. यह पारा सामान्य तापमान से काफी अधिक माना जा रहा है जिसके चलते पूरे शहर में सुबह से ही लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो गया था. दोपहर होते-होते स्थिति यह हो गई कि शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए.
मौसम वैज्ञानिकों ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए जबलपुर और आसपास के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग का कहना है कि आने वाले अगले कुछ दिनों तक इस चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के प्रकोप से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है बल्कि तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है.
रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों और दुपहिया वाहन चालकों के लिए आज का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. गर्म थपेड़ों और तीखी धूप से बचने के लिए लोग चेहरों को सूती कपड़ों और चश्मों से ढके हुए नजर आए. शहर के व्यस्ततम इलाके जैसे करमचंद चौक, मालवीय चौक और सिविक सेंटर में भी दोपहर के वक्त अमूमन कर्फ्यू जैसा नजारा देखा गया. लगातार बढ़ती इस तपन का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है.
महाकौशल के अन्य जिलों जैसे कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी और मंडला में भी सूर्यदेव के तीखे तेवर बरसों का रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. ग्रामीण अंचलों में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि वहां दोपहर के वक्त बिजली की अघोषित कटौती और पेयजल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है. मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है और तालाब व जलस्रोत तेजी से सूखने लगे हैं. मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने और राजस्थान की ओर से आ रही सूखी व बेहद गर्म हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण महाकौशल का यह पूरा इलाका तंदूर की तरह तप रहा है.
हालांकि रात के आठ बजने के बाद भी लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है क्योंकि कंक्रीट के मकान और सड़कें रात में भी लगातार गर्मी उगल रहे हैं जिससे न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है. प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में पानी के टैंकरों की व्यवस्था बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ चालू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि इस आपातकाल जैसी गर्मी में राहगीरों को थोड़ी राहत मिल सके.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

