बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में राजनीति का दबदबा, पायल सरकार बोलीं टैलेंटेड कलाकारों को किनारे किया गया

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में राजनीति का दबदबा, पायल सरकार बोलीं टैलेंटेड कलाकारों को किनारे किया गया

प्रेषित समय :21:50:28 PM / Tue, May 19th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री Paayel Sarkar ने फिल्म जगत और राजनीति के रिश्ते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक प्रभाव इतना बढ़ गया कि कई प्रतिभाशाली कलाकारों को इंडस्ट्री से किनारे कर दिया गया। पायल सरकार ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें कई बड़े प्रोजेक्ट्स में पहले साइन किया गया, स्क्रिप्ट रीडिंग तक बुलाया गया, लेकिन अंतिम समय में बिना किसी जानकारी के उन्हें बदल दिया गया। अभिनेत्री के इस बयान ने बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है।

एक इंटरव्यू के दौरान पायल सरकार ने कहा कि राज्य में नई सरकार बनने के बाद अब उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि फिल्मों और राजनीति का संबंध हमेशा से रहा है, लेकिन स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए जहां राजनीति पूरी इंडस्ट्री को नियंत्रित करने लगे। पायल ने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के कारण वे लोग पीछे छूट गए जो वास्तव में काम के हकदार थे।

उन्होंने कहा, “मैं पिछले 20 साल से इस इंडस्ट्री में काम कर रही हूं। मैंने कई बड़े कलाकारों और फिल्मकारों के साथ काम किया है। बचपन से इंडस्ट्री को बहुत करीब से देखा है और पिछले कुछ वर्षों में इसमें आए बदलावों को भी महसूस किया है। इसलिए मैं साफ तौर पर फर्क समझ सकती हूं कि पहले और अब में क्या बदलाव आया है।”

पायल सरकार ने बातचीत के दौरान अपने निजी अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार बड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों के लिए संपर्क किया गया, लेकिन आखिरी समय में उन्हें बाहर कर दिया गया। अभिनेत्री ने कहा कि कई बार वह स्क्रिप्ट रीडिंग के लिए तैयार होकर पहुंचने वाली थीं, तभी उन्हें फोन करके कहा गया कि मीटिंग फिलहाल नहीं हो रही और अगली तारीख बाद में बताई जाएगी। लेकिन बाद में उन्हें कभी कोई जानकारी नहीं दी गई और उन्होंने देखा कि उस प्रोजेक्ट में किसी दूसरे कलाकार को कास्ट कर लिया गया है।

पायल ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक बार नहीं बल्कि कई बार हुई। उन्होंने कहा, “मुझे पहले फोन किया जाता था, प्रोजेक्ट ऑफर होता था, लेकिन बाद में मुझे रिप्लेस कर दिया जाता था। कम से कम इतनी शालीनता तो होनी चाहिए थी कि मुझे बताया जाता कि अब यह प्रोजेक्ट मेरे साथ नहीं हो रहा है। मैंने कभी इस बात पर सहानुभूति नहीं मांगी, लेकिन यह सब बार-बार होना दुख देता है।”

हालांकि अभिनेत्री ने किसी व्यक्ति या समूह का नाम लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब किसी का नाम लेना मायने नहीं रखता, लेकिन इंडस्ट्री में जो माहौल बना था, उसने कई कलाकारों को प्रभावित किया। पायल सरकार के बयान को बंगाल की हालिया राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

दरअसल हाल ही में पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। भाजपा ने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया, जो वर्ष 2011 से लगातार राज्य की सत्ता में थी। पायल सरकार भी नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद थीं।

फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति के संबंधों को लेकर बंगाल में लंबे समय से चर्चा होती रही है। कई कलाकार खुले तौर पर राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं, जबकि कई कलाकारों का आरोप रहा है कि राजनीतिक विचारधारा के आधार पर काम और अवसर प्रभावित होते हैं। पायल सरकार के बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।

सोशल मीडिया पर अभिनेत्री के बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग पायल सरकार के साहस की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने इंडस्ट्री की वास्तविकता को सामने रखा है। वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक बदलाव के बाद दिया गया बयान बता रहे हैं।

फिल्म समीक्षकों का मानना है कि बंगाली सिनेमा लंबे समय से अपनी मजबूत कहानियों, अभिनय और सांस्कृतिक गहराई के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इंडस्ट्री को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई हैं। कई कलाकारों ने अप्रत्यक्ष रूप से गुटबाजी, राजनीतिक दबाव और अवसरों में असमानता की ओर इशारा किया है।

पायल सरकार ने अपनी बात खत्म करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिभा को प्राथमिकता मिलेगी और दर्शक भी अच्छी फिल्मों और योग्य कलाकारों को पूरा समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को राजनीति से ऊपर उठकर केवल कला और सिनेमा के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।

उनके इस बयान के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वास्तव में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में राजनीतिक प्रभाव इतना गहरा हो चुका था कि कलाकारों के करियर प्रभावित होने लगे थे। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-