जबलपुर. भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. मौसम विज्ञान कार्यालय द्वारा बुधवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है. लगातार बढ़ती तपिश और झुलसाने वाली धूप के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना से इनकार करते हुए शुष्क मौसम बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है.
बुधवार को न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर के आसपास बना रहा. हालांकि दिन के तापमान में हुई तेज बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है. सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया. दोपहर होते-होते हालात इतने गंभीर हो गए कि बाजारों और मुख्य सड़कों पर आवाजाही कम हो गई. लोग गर्मी और लू से बचने के लिए घरों में कैद रहने को मजबूर दिखाई दिए.
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष इसी दिन शहर का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि इस बार तापमान करीब 4 डिग्री अधिक पहुंच गया है. इसी तरह पिछले साल न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस था. तापमान में इस बड़ी बढ़ोतरी ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी का असर ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई है. वहीं इस पूरे सीजन में अब तक कुल 33.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. पिछले साल इसी समय तक केवल 13.8 मिमी बारिश दर्ज हुई थी.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय हवा में नमी का स्तर काफी कम है. सुबह और शाम के समय आर्द्रता केवल 28 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे वातावरण में सूखापन और अधिक बढ़ गया है. पश्चिम दिशा से 3 से 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं भी गर्मी को कम करने में असरदार साबित नहीं हो रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि शुष्क मौसम बने रहने से आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है तथा लू जैसे हालात पैदा होने की आशंका बनी हुई है.
भीषण गर्मी का असर लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई देने लगा है. दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो रही है और कई इलाकों में सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं. सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और बाहर काम करने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है. अस्पतालों में भी गर्मी और डिहाइड्रेशन से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है.
मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और अधिक तीखा हो सकता है. प्रशासन भी लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दे रहा है. फिलहाल जबलपुर में गर्मी के तेवर लगातार खतरनाक होते जा रहे हैं और लोगों को राहत मिलने के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

