पश्चिम बंगाल : शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, अब सभी मदरसों में अनिवार्य होगा वंदे मातरम् का गायन

पश्चिम बंगाल : शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला, अब सभी मदरसों में अनिवार्य होगा वंदे मातरम् का गायन

प्रेषित समय :11:36:09 AM / Thu, May 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की नवगठित राज्य सरकार ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लिया है. स्कूलों के बाद अब राज्य के सभी मान्यता प्राप्त और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में रोजाना कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया गया है. अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस नए आदेश के बाद अब राज्य के सभी श्रेणियों के मदरसों को पुराने नियमों और तौर-तरीकों को बदलते हुए इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा.

मदरसा शिक्षा निदेशालय के महानिदेशक (डायरेक्टर) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार के अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी संस्थानों पर यह नियम समान रूप से लागू होगा.

इसके दायरे में राज्य के सभी सरकारी मॉडल मदरसे (इंग्लिश मीडियम), सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे, सरकार द्वारा मंजूर किए गए एमएसके, एसएसके और सरकार से मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसे शामिल होंगे. सभी मदरसा प्रशासकों और संस्था प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) में इस राष्ट्रगीत का गायन सुनिश्चित करें.

स्कूलों में पहले ही लागू हो चुकी है यह नीति

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने इससे पहले 14 मई 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था. स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि राज्य के सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य है. अब इसी नीति का विस्तार करते हुए इसे राज्य के मदरसा शिक्षा ढांचे में भी पूरी तरह शामिल कर लिया गया है.

क्या है यह फैसला

यह निर्णय केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी उन दिशा-निर्देशों के क्रम में देखा जा रहा है, जिसमें राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसके सम्मान और प्रसार को बढ़ावा देने की बात कही गई थी. शुभेंदु अधिकारी सरकार का यह कदम पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की उस नीति को पूरी तरह बदल देता है, जिसके तहत नवंबर 2025 में राज्य के सभी स्कूलों में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित बांगलार माटी, बांगलार जोल को राज्य गीत के रूप में गाना अनिवार्य किया गया था. नए आदेश में राज्य गीत को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिसके कारण केवल वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन का गायन ही प्राथमिक रूप से अनिवार्य रहेगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-