जबलपुर. मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशभर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना’ की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई. योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अगले दो वर्षों में हजारों नई बसें चलाई जाएंगी. इस योजना में जबलपुर क्षेत्र को भी बड़ी सौगात मिली है, जहां 83 मार्गों पर 309 बसों का संचालन किया जाएगा.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा कि आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर लोक परिवहन केवल यात्रा का साधन नहीं बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवन रेखा भी है.
बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा. इसके लिए प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है. इनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा क्षेत्र शामिल हैं. पहले चरण में प्रदेश के कुल 1164 मार्गों पर करीब 5206 बसों का संचालन किया जाएगा. सभी बसों का रंग एक जैसा रखा जाएगा, ताकि पूरे प्रदेश में एकरूपता दिखाई दे और यात्रियों को सरकारी बस सेवा की पहचान आसानी से हो सके.
योजना के अनुसार इंदौर क्षेत्र में 121 मार्गों पर 608 बसें चलाई जाएंगी. उज्जैन क्षेत्र में 120 मार्गों पर 371 बसों का संचालन होगा. भोपाल क्षेत्र में 104 मार्गों पर 398 बसें दौड़ेंगी. जबलपुर क्षेत्र में 83 मार्गों पर 309 बसों के संचालन का प्रस्ताव है. इसी तरह सागर क्षेत्र में 92 मार्गों पर 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र में 65 मार्गों पर 298 बसें और रीवा क्षेत्र में 35 मार्गों पर 184 बसें चलाई जाएंगी.
अधिकारियों के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नेटवर्क का विस्तार करना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना है. परिवहन विभाग का दावा है कि इससे छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी नियमित और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी.
मुख्यमंत्री ने बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की मैपिंग कराई जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके. मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित एम्बुलेंस सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश भी दिए. उनका कहना था कि जरूरतमंद तक 30 मिनट से कम समय में एम्बुलेंस पहुंचना सुनिश्चित किया जाए.
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘मध्य प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने भी मध्य प्रदेश सरकार की सड़क सुरक्षा और राहत योजनाओं की सराहना की है. परिवहन विभाग ने बताया कि पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है.
परिवहन विभाग ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे नागरिकों को बिचौलियों से राहत मिली है और पारदर्शिता बढ़ी है. विभाग ने पिछले वित्त वर्ष में निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है. वर्ष 2025-26 में 4400 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4911 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त किया गया. वहीं वर्तमान वित्त वर्ष के लिए करीब 5721 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है.
जबलपुर क्षेत्र में नई बसों के संचालन की खबर से यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में उत्साह देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से कई ग्रामीण मार्गों पर नियमित बस सेवा नहीं होने के कारण परेशानी होती थी. नई योजना लागू होने के बाद शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा. अब लोगों की नजरें सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना के जल्द शुभारंभ पर टिकी हुई हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

