ट्विशा और दीपिका केस के बाद अभिनेत्री ऋद्धि डोगरा का बड़ा बयान, शादी को रोमांटिक बनाना बंद करें

ट्विशा और दीपिका केस के बाद अभिनेत्री ऋद्धि डोगरा का बड़ा बयान, शादी को रोमांटिक बनाना बंद करें

प्रेषित समय :21:53:12 PM / Sat, May 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक उत्पीड़न से जुड़ी लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अभिनेत्री ऋद्धि डोगरा ने समाज और युवाओं को लेकर एक भावुक और तीखा संदेश साझा किया है. भोपाल की ट्विशा शर्मा और उत्तर प्रदेश की दीपिका नागर मौत मामले ने देशभर में बहस छेड़ दी है. इसी बीच ऋद्धि डोगरा ने सोशल मीडिया पर लंबा नोट लिखकर शादी, रिश्तों, महिलाओं की स्वतंत्रता और आधुनिक समाज को लेकर अपनी राय खुलकर रखी. अभिनेत्री ने युवतियों से आत्मनिर्भर बनने, खुद को शिक्षित करने और शादी को जीवन का अंतिम लक्ष्य न मानने की अपील की है.

ऋद्धि डोगरा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अब समय बदल चुका है और लोगों को शादी को लेकर पुरानी सोच छोड़नी होगी. उन्होंने कहा कि माता-पिता की पीढ़ी और जिस दौर में वे बड़े हुए, वह समय अब समाप्त हो चुका है. अभिनेत्री ने कहा कि आज की महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम हैं, नौकरी कर सकती हैं, अपना घर चला सकती हैं और समाज में स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकती हैं. ऐसे में उन्हें केवल जीवित रहने या सुरक्षा के लिए शादी की जरूरत नहीं है.

उन्होंने लिखा कि लड़कों को यह समझना होगा कि अब लड़कियां आंख बंद कर हर बात मानने वाली नहीं हैं, क्योंकि कानून और समाज ने उन्हें अधिकार और ताकत दी है. वहीं लड़कियों को भी यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि शादी के बाद उनका प्रेमी किसी परीकथा के राजकुमार में बदल जाएगा. ऋद्धि ने कहा कि पुरुष भी बदलती दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे हैं और उन पर भी सामाजिक दबाव है.

अभिनेत्री ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि शादी प्यार और सम्मान के आधार पर होनी चाहिए, न कि सामाजिक दबाव या निर्भरता के कारण. उन्होंने कहा कि विवाह दो लोगों का सम्मानजनक संबंध होता है और इसमें जरूरत से ज्यादा पारिवारिक हस्तक्षेप कई बार समस्याओं को जन्म देता है. उन्होंने युवाओं से अपने रिश्तों में परिपक्वता और समझदारी लाने की अपील की.

ऋद्धि डोगरा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने लिए खड़े होने की सलाह देते हुए कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति से उम्मीद करने के बजाय महिलाओं को खुद मजबूत बनना होगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता ही महिलाओं को वास्तविक ताकत देती है. अभिनेत्री ने कहा कि महिलाएं खुद के लिए जीना सीखें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें.

अपने पोस्ट में ऋद्धि डोगरा ने नारीवाद यानी फेमिनिज्म को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि असली नारीवाद केवल समानता है, इससे ज्यादा कुछ नहीं. अभिनेत्री ने कहा कि फेमिनिज्म का उद्देश्य पुरुषों को नीचा दिखाना नहीं बल्कि महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे दोनों लिंगों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं.

ऋद्धि ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत शिव और शक्ति की भूमि है, जहां स्त्री और पुरुष दोनों को समान महत्व दिया गया है. उन्होंने कहा कि समाज को टकराव नहीं बल्कि संतुलन और सम्मान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.

दरअसल हाल के दिनों में दहेज और वैवाहिक प्रताड़ना से जुड़े दो मामलों ने देशभर में गहरी चिंता पैदा कर दी है. भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं. ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं ससुराल पक्ष का दावा है कि वह नशे की लत से परेशान थीं. मामले में पुलिस ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां के खिलाफ दहेज मृत्यु और प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज किया है. कई दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह ने जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की कोशिश की, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

इसी तरह उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में 24 वर्षीय दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. परिवार का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष ने उनकी हत्या की है. पुलिस ने मामले में पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है.

इन दोनों घटनाओं के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक मंचों तक दहेज प्रथा, वैवाहिक हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है. ऋद्धि डोगरा का यह बयान भी इसी बहस के बीच सामने आया है, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है. कई लोग अभिनेत्री की बातों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आधुनिक रिश्तों की बदलती तस्वीर के रूप में देख रहे हैं.

समाजशास्त्रियों का मानना है कि बदलते समय में रिश्तों की परिभाषा और अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं. ऐसे में आपसी सम्मान, संवाद और समानता को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि विवाह जैसे रिश्ते भरोसे और समझदारी पर टिके रह सकें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-