जबलपुर के परसवाड़ा में हुई हत्या की वारदात का खुलासा, आए दिन गाली गलौज, मारपीट से गुस्साए युवक ने की दोस्त की हत्या

जबलपुर के परसवाड़ा में हुई हत्या की वारदात का खुलासा, आए दिन गाली गलौज, मारपीट से गुस्साए युवक ने की दोस्त की हत्या

प्रेषित समय :18:19:27 PM / Sat, May 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में धनवंतरी नगर परसवाड़ा क्षेत्र में सुरेन्द्र सिंह उर्फ चिंगम की हत्या के मामले में पुलिस ने आयुष यादव को गिरफ्तार कर लिया है. सुरेन्द्र सिंह आए दिन आयुष के साथ गाली गलौज व मारपीट करता रहा. जिससे गुस्से में आकर आयुष ने घर में घुसकर हत्या कर दी.

इस संबंध में बताया गया है कि धनवतंरी नगर के परसवाड़ा क्षेत्र में रहने वाला सुरेन्द्र सिंह उर्फ चिंगम अपराधिक प्रवृति का युवक था.   सुरेन्द्र द्वारा अपने दोस्त आयुष यादव के साथ आए दिन गाली गलौज व मारपीट की जाती रही. जिससे आयुष गुस्से में था. 21 मई की रात्रि करीब 11.30 से 12  बजे के बीच सुरेन्द्र स्कूटी से आया था और फोन पर चिल्ला रहा था. कुछ देर बाद ओम डेयरी के पास विवाद और गिरने की आवाज सुनकर जब गणेश नामक युवक अपने भांजे रितिक गौतम और यश चौधरी के साथ वहां पहुंचा तो सुरेन्द्र नशे में गिरा हुआ था.

वहां मौजूद उसके दोस्त आयुष यादव ने पुलिस को फोन करने से मना किया और सुरेन्द्र को उसके कमरे पर छोडऩे की बात कही. रितिक और यश ने सुरेन्द्र को स्कूटी पर बैठाकर कमरे तक पहुंचाया और वापस आ गए, जबकि आयुष वहीं रुका रहा. आयुष ने मौके का फायदा उठाकर पहले गमछे से उसका गला घोंट दिया और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए चाकू से उसके हाथ की नस काट दी.

22 तारीख को सुबह 10 बजे जब उसका भाई अरविन्द खाना देने गया तो दरवाजा खुला था और सुरेन्द्र जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा था. उसके बाएं हाथ की कलाई कटी हुई थी और पास में ही चाकू पड़ा हुआ था तथा गले में सफेद गमछा लिपटा था.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फिंगर प्रिंट टीम की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. डॉक्टर से मिली मौखिक जानकारी में सामने आया कि युवक की मृत्यु गला घोंटने के कारण श्वांस नली टूटने से हुई थी. पुलिस ने मामले में संदेही आयुष यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर हिरासत में लिया. जिसने पूछताछ में वारदात करना स्वीकार लिया. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू, सफेद गमछा और मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है.

इस अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाने में सहायक उप निरीक्षक टीकाराम चौधरी, प्रधान आरक्षक दिलीप पाठक, आरक्षक रजनीश यादव, अमरेन्द्र कुमार, मनोज मिश्रा, पुष्पराज जाट और आशीष प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-