जबलपुर. मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने कक्षा 5वीं और 8वीं की पुनः परीक्षा के कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है. भोपाल स्थित राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार अब ये परीक्षाएं 16 जून से 23 जून 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी. वहीं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य 24 जून से 28 जून 2026 तक पूरा किया जाएगा. शासन के इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों और परीक्षा ड्यूटी में तैनात शिक्षकों को राहत मिली है.
जानकारी के अनुसार पहले प्रस्तावित परीक्षा तिथियां गर्मियों की छुट्टियों और तेज गर्मी के बीच पड़ रही थीं, जिसको लेकर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी. जबलपुर जिला इकाई के संरक्षक योगेन्द्र दुबे के नेतृत्व में लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को एक प्रार्थना पत्र सौंपा गया था. इसमें संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव तथा जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने स्पष्ट रूप से बताया था कि 15 जून तक प्रदेश में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां जारी रहेंगी और ऐसे समय में छोटे बच्चों की परीक्षाएं कराना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. संघ ने भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए परीक्षा तिथियों में बदलाव की मांग की थी.
संघ की इस मांग को शासन ने गंभीरता से लेते हुए परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन कर दिया. नए आदेश के जारी होते ही शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों में संतोष का माहौल देखा गया. कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने शासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे विद्यार्थियों के हित में लिया गया संवेदनशील निर्णय बताया है. जबलपुर के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय सहित देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, विवेक, राजा राम डेहरिया, अर्जुन सोमवंशी, बीरेंद्र तिवारी और राजू मस्के ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है.
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई समय-सारणी के अनुसार परीक्षा और मूल्यांकन कार्य जून के अंतिम सप्ताह तक व्यवस्थित रूप से पूरा कर लिया जाएगा. छुट्टियों के बाद परीक्षा होने से विद्यार्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय भी मिल सकेगा, जिससे उनका प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना है. वहीं शिक्षकों को भी राहत मिलेगी क्योंकि अब उन्हें अत्यधिक गर्मी में परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी नहीं करनी पड़ेगी.
प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अभिभावकों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी था. परीक्षा तिथियों में बदलाव से अब विद्यार्थियों को गर्मी की परेशानी से राहत मिलने के साथ मानसिक रूप से बेहतर तैयारी का अवसर भी मिलेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

