जबलपुर. मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत इस बार लोगों के लिए भारी पड़ रही है और जबलपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है. मंगलवार 26 मई 2026 की रात 8 बजे तक शहर में गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया. मौसम विभाग के अनुसार जबलपुर में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिनभर चली गर्म हवाओं ने हालात को और ज्यादा मुश्किल बना दिया. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.
प्रदेश के कई जिलों की तरह जबलपुर में भी हीटवेव जैसे हालात बने रहे. मौसम विभाग ने जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले तीन दिन तक सतर्क रहने की चेतावनी दी है. मंगलवार को सुबह से ही सूरज के तीखे तेवर दिखाई दिए और दोपहर तक गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी. शहर के बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ नजर आई. सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों को उठानी पड़ी.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में पश्चिमी हिस्से से गुजर रहे टर्फ सिस्टम और लगातार सक्रिय गर्म हवाओं के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं नौगांव में 46.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. जबलपुर समेत मंडला, दमोह, रीवा, सतना और बालाघाट में भी तेज गर्मी का असर बना रहा.
हालांकि मौसम विभाग ने 28 मई से मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं. विभाग का कहना है कि जबलपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं. इसके बावजूद अगले तीन दिन तक लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के बाद तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है.
शहर के अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने तथा हल्के सूती कपड़े पहनने की अपील की है.
गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ी है. कई इलाकों में शाम के समय बिजली पर अतिरिक्त दबाव देखा गया. शहरवासियों का कहना है कि मई महीने में इस बार गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि अगले कुछ दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुईं तो जबलपुर सहित आसपास के जिलों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल नौतपा का असर लोगों की मुश्किलें बढ़ाता रहेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

