जबलपुर में संजीवनी क्लिनिकों के लिए आए रुपयों का घोटाला, सीएमएचओ सहित चार अधिकारियों को नोटिस

जबलपुर में संजीवनी क्लिनिकों के लिए आए रुपयों का घोटाला, सीएमएचओ सहित चार अधिकारियों को नोटिस

प्रेषित समय :18:15:57 PM / Tue, May 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे है. अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले की 58 संजीवनी क्लीनिकों में प्रति क्लीनिक को 1 लाख देने के लिए  58 लाख आई राशि का मामला सामने आया है. गोलमाल को लेकर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी,सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग,जिला लेखा प्रबंधक रेखा साहू को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है.

बताया गया है कि जारी किए गए नोटिसएन.एच.एम./शहरी स्वास्थ्य/2026/ई-1241172/06/1023) में संबंधित अधिकारियों से वर्ष 2025 - 2026 में शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं का एन. क्यू.ए.एस. सर्टिफिकेशन नहीं कराये जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई है. जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 2026 में जिला जबलपुर की शहरी स्वास्थ्य संस्थाओ को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस मानक (एनक्यूएएस) अनुसार विकसित कर संस्थाओ के एनक्यूएएस प्रमाणीकरण कराये जाने हेतु शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की गतिविधि के अंतर्गत 1 लाख रूपए प्रति संस्था के मान से कुल 58 संजीवनी क्लिनिक हेतु कुल राशि रुपए 58.00 लाख आवंटित की गई थी.

उक्त राशि में से 56.98 लाख रूपए का उपयोग किया जा चुका है. इस मामले को लेकर सीएमएचओ नवीन कोठारी का कहना है कि जबलपुर में 42 संजीवनी क्लीनिक कार्य शील है जबकि नोटिस में 58 बताए गये है. चूंकि मैने 5 अप्रैल 26 को इस पद को ज्वाइन किया है यह मामला पुराने सीएमएचओ के कार्यकाल का है. अब चूंकि नोटिस पद को दिया गया है इसलिए मेरा नाम अंकित है इस गड़बड़ी से मेरा कोई लेना देना नहीं है.

ऐसे पकड़ा गया मामला-

राज्य स्तर पर समीक्षा के दौरान यह प्रकाश में आया है कि वर्ष 2025 -2026 में उक्त राशि का उपयोग कर लेने के उपरांत भी जबलपुर जिले की किसी भी शहरी स्वास्थ्य संस्था का प्रमाणीकरण नहीं कराया गया है ना ही कोई भी शहरी स्वास्थ्य संस्था नेशनल क्वालिटी एश्योरैंस मानक (एनक्यूएएस) अनुसार तैयार की गयी है. वहीं संबंधित अधिकारियों की कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है. जिसके बाद अपर मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने निदर्शित किया है कि 15 दिवस के अंदर शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं को नेशनल क्वालिटी एश्योरैंस मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणीकरण की कार्यवाही से अवगत कराए अन्यथा उक्त गतिविधि के अंतर्गत दी गई राशी की वसूली की कार्यवाही की होगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-