होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान टकराव तेज, ईरान ने 30 मिलियन डॉलर का अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका-ईरान टकराव तेज, ईरान ने 30 मिलियन डॉलर का अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा

प्रेषित समय :21:48:49 PM / Tue, May 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

Iran और United States के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. सीजफायर वार्ता के बीच खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है, जिसकी कीमत करीब 30 मिलियन डॉलर बताई जा रही है. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच नए सैन्य टकराव की आशंका और गहरी हो गई है.

जानकारी के अनुसार अमेरिकी सेना ने मंगलवार को Strait of Hormuz के पास उन नौकाओं को निशाना बनाया, जिन पर बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप था. इसके अलावा अमेरिकी बलों ने Bandar Abbas पोर्ट के पास स्थित एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट पर भी हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई.

अमेरिकी हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई का दावा सामने आया. आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हवाई क्षेत्र के करीब उड़ान भर रहा था और उसे दुश्मन की गतिविधि मानते हुए एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया. ईरान ने दावा किया कि ड्रोन को सटीक निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर मार गिराया गया.

ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि उसने एक अन्य अमेरिकी RQ-4 ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखी और अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की गई, जिसके बाद वह क्षेत्र से वापस लौट गया. हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद ईरान ने अमेरिका और Israel को खुली चेतावनी दी है. ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल Abolfazl Shekarchi ने कहा कि ईरान किसी भी नए युद्ध या सैन्य तनाव का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि तेहरान पहले ही कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों की पहचान कर चुका है और यदि भविष्य में कोई संघर्ष हुआ, तो इस बार जवाब पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर होगा.

शेकरची ने कहा कि अगर युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो ईरान के हमले पहले की तुलना में ज्यादा बड़े, ज्यादा खतरनाक और अधिक विनाशकारी होंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के तेल निर्यात को रोकने की कोशिश की गई, तो उसका असर पूरे क्षेत्र की तेल आपूर्ति पर पड़ेगा. इस बयान ने वैश्विक तेल बाजार में भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है.

इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने भी अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है. हज के अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अब खाड़ी क्षेत्र अमेरिका के लिए पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहा. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए ढाल नहीं बनेंगे और अमेरिका को इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत दिखाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम और तनाव कम करने को लेकर बातचीत चल रही है, इस तरह की सैन्य घटनाएं हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना सकती हैं. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-