थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों के लिए भोपाल में जागरूकता सेमिनार, 225 मरीजों की हुई निःशुल्क जांच

थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों के लिए भोपाल में जागरूकता सेमिनार, 225 मरीजों की हुई निःशुल्क जांच

प्रेषित समय :19:31:24 PM / Thu, May 28th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. विश्व थैलेसीमिया दिवस और आगामी विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों के लिए एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया. ग्लोबल रिसर्च एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया. गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में आयोजित इस सेमिनार को नेशनल हेल्थ मिशन और मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी का सहयोग प्राप्त हुआ.

कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया और सिकल सेल से पीड़ित लगभग 225 मरीजों तथा करीब 50 अभिभावकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई. सेमिनार में मरीजों की निःशुल्क जांच, स्वास्थ्य परीक्षण और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई थी. विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों एवं उनके परिजनों को बीमारी के लक्षण, समय पर पहचान, उपचार की आधुनिक सुविधाओं और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

विशेषज्ञों ने बताया कि थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारियों के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है. समय पर जांच और नियमित उपचार से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं. उन्होंने कहा कि कई मामलों में जानकारी के अभाव में बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, इसलिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है. कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने मरीजों को नियमित ब्लड टेस्ट, उचित दवाओं और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखने की सलाह दी.

सेमिनार में नेशनल हेल्थ मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन मरीजों और उनके परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित होते हैं. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बीमारी के प्रति सही जानकारी मिलती है और वे बेहतर तरीके से बीमारी का प्रबंधन कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार भी थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

ग्लोबल रिसर्च एंड वेलफेयर सोसायटी के सचिव ने बताया कि संस्था नेशनल हेल्थ मिशन और मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाने की योजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश के हर जिले में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं और सही जानकारी पहुंचाई जा सके.

उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले भी दो दिवसीय जागरूकता सेमिनार का सफल आयोजन किया गया था, जिसे मरीजों और उनके परिवारों से अच्छा प्रतिसाद मिला था. इसी को देखते हुए अब आने वाले महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से इस अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा.

आयोजकों के अनुसार इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य मरीजों को समय पर जांच, उचित उपचार और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम में काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें मरीजों और उनके अभिभावकों को बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और बेहतर जीवनशैली अपनाने के बारे में समझाया गया.

सेमिनार के अंत में विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि विवाह से पहले और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके. आयोजकों ने कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को जारी रखने की बात कही.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-