दिल्ली में दर्दनाक हादसा, घर में आग लगने से पूर्व आईएएस अधिकारी व सीसीआई के पहले चेयरमैन की मौत

दिल्ली में दर्दनाक हादसा, घर में आग लगने से पूर्व आईएएस अधिकारी व सीसीआई के पहले चेयरमैन की मौत

प्रेषित समय :12:20:01 PM / Fri, May 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. दिल्ली के हौज खास इलाके में गुरुवार 28 मई की देर रात एक घर में आग लगने की घटना में रिटायर आईएएस अधिकारी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार का निधन हो गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग एसी में धमाके के बाद लगी. हादसे में उनका बेटा भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 11:18 बजे दक्षिण दिल्ली के पॉश हौज खास इलाके स्थित धनेंद्र कुमार के घर में आग लगी. उस समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू कर्मचारियों समेत कुल पांच लोग मौजूद थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची. घर में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. वहीं, दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की.

अधिकारियों ने बताया कि 80 वर्षीय धनेंद्र कुमार और उनके बेटे को घर से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान धनेंद्र कुमार की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ज्यादा धुआं अंदर चले जाने से उनकी हालत बिगड़ गई थी. उनके बेटे की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की. शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में लगे एसी के इनडोर यूनिट में धमाका होने के बाद आग लगी हो सकती है. फिलहाल पुलिस को किसी तरह की साजिश या गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं.

धनेंद्र कुमार देश के जाने-माने प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते थे. वह 1968 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार में कई अहम पदों पर काम किया. उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा संस्कृति मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों में वरिष्ठ पद संभाले. रक्षा मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने प्रशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर काम किया. सड़क परिवहन मंत्रालय में उन्होंने हाईवे और बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दिया.

फरवरी 2009 में उन्हें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का पहला चेयरमैन बनाया गया. वह जून 2011 तक इस पद पर रहे. उनके नेतृत्व में सीसीआई ने बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और बड़ी कंपनियों की एकाधिकार प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कई अहम कदम उठाए. उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति तैयार करने के लिए उनकी अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी. इस समिति को देश के प्रतिस्पर्धा कानून और नियामक व्यवस्था को मजबूत करने के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके अलावा, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने रियल एस्टेट परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने और कामकाज में तेजी लाने पर काम करने वाली समिति का चेयरमैन बनाया था.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-