LSG में कप्तानी छोड़ने के पीछे क्या था असली विवाद, प्रबंधन से मतभेद के बाद ऋषभ पंत ने लिया बड़ा फैसला

LSG में कप्तानी छोड़ने के पीछे क्या था असली विवाद, प्रबंधन से मतभेद के बाद ऋषभ पंत ने लिया बड़ा फैसला

प्रेषित समय :22:15:50 PM / Fri, May 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

आईपीएल 2026 में सबसे निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली टीमों में शामिल रही लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खेमे से बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने कप्तानी छोड़ने का फैसला कर लिया है और फ्रेंचाइजी ने उनके अनुरोध को स्वीकार भी कर लिया है. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे एक सामान्य निर्णय बताया जा रहा है, लेकिन सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार इसके पीछे केवल टीम का खराब प्रदर्शन ही नहीं बल्कि प्रबंधन के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेद, निर्णय लेने की सीमित स्वतंत्रता और लगातार बढ़ता मानसिक दबाव भी प्रमुख कारण रहे हैं.

आईपीएल 2026 का सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. टीम अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही और पूरे टूर्नामेंट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी. इसी बीच कप्तान ऋषभ पंत के व्यवहार और मैच के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों से यह संकेत मिलने लगे थे कि टीम के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है. कई मौकों पर पंत ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया था कि मैदान पर योजनाओं को लागू करना उतना आसान नहीं होता, जितना बाहर बैठकर उन्हें बनाना.

सूत्रों के अनुसार एलएसजी के नेतृत्व ढांचे में कई प्रभावशाली नाम शामिल थे. मुख्य कोच जस्टिन लैंगर, क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी, सहायक कोच लांस क्लूजनर और वरिष्ठ खिलाड़ी केन विलियमसन जैसे अनुभवी क्रिकेटरों की मौजूदगी के कारण टीम में निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते थे. बताया जाता है कि यही व्यवस्था धीरे-धीरे ऋषभ पंत के लिए असहजता का कारण बनने लगी. पंत हमेशा से ऐसे कप्तान रहे हैं जो मैच की स्थिति के अनुसार अपने फैसले खुद लेना पसंद करते हैं और उनकी जिम्मेदारी भी स्वीकार करते हैं. लेकिन लखनऊ में उन्हें महसूस हुआ कि कप्तान के रूप में उनकी स्वायत्तता सीमित होती जा रही है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक पंत ने टूर्नामेंट समाप्त होने से काफी पहले ही कप्तानी छोड़ने का मन बना लिया था. बताया जाता है कि सीजन के दूसरे चरण में ही उन्होंने टीम प्रबंधन और मालिकों को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी. शुरुआत में फ्रेंचाइजी ने उन्हें मनाने की कोशिश की और जल्दबाजी में निर्णय न लेने की सलाह दी, लेकिन पंत अपने रुख पर कायम रहे. कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार प्रबंधन को उनका अनुरोध स्वीकार करना पड़ा.

टीम के भीतर मतभेदों का सबसे चर्चित उदाहरण कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए सुपर ओवर के दौरान सामने आया. रिपोर्ट्स के अनुसार उस समय पंत निकोलस पूरन को बल्लेबाजी के लिए भेजने के पक्ष में नहीं थे. उनका मानना था कि उस समय पूरन खराब फॉर्म से गुजर रहे थे, जबकि आयुष बदोनी शानदार लय में थे और तेजी से रन बना रहे थे. पंत चाहते थे कि बदोनी को मौका दिया जाए, लेकिन टीम प्रबंधन ने अलग राय रखते हुए पूरन को भेजने का फैसला लिया. यह घटना सार्वजनिक विवाद में तो नहीं बदली, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया कि कप्तान और प्रबंधन की क्रिकेट संबंधी सोच में बड़ा अंतर मौजूद था.

कप्तानी के दबाव के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रदर्शन भी ऋषभ पंत के लिए चिंता का विषय बना हुआ था. आईपीएल 2026 उनके करियर के सबसे कठिन सीजन में से एक साबित हुआ. बल्ले से वह अपेक्षित योगदान नहीं दे पाए और टीम की लगातार हार ने उन पर अतिरिक्त दबाव बना दिया. इसके अलावा भारतीय क्रिकेट टीम में भी उनकी स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही. सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और टेस्ट टीम की उपकप्तानी भी उनसे वापस ली जा चुकी है.

ऐसे में पंत के लिए कप्तानी एक अतिरिक्त बोझ बनती जा रही थी. रिपोर्ट्स के अनुसार उनका मानना है कि इस समय उन्हें अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर पूरा ध्यान देने की जरूरत है, ताकि वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर से अपनी पहचान मजबूत कर सकें. उनका प्राथमिक लक्ष्य भारतीय टीम में सीमित ओवरों के प्रारूप में मजबूत वापसी करना बताया जा रहा है.

हालांकि कप्तानी छोड़ने के बावजूद ऋषभ पंत लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बने रहेंगे और खिलाड़ी के रूप में अपना अनुबंध पूरा करेंगे. फ्रेंचाइजी भी उन्हें टीम का महत्वपूर्ण सदस्य मानती है. दूसरी ओर अब नए कप्तान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिचेल मार्श और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एडेन मार्करम के नाम संभावित दावेदारों में सबसे आगे बताए जा रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार टीम के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर का कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है और आगामी आईपीएल 2027 से पहले फ्रेंचाइजी बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है. ऐसे में लखनऊ सुपर जायंट्स अगले सीजन में नए कप्तान, नए नेतृत्व और नई रणनीति के साथ मैदान पर उतर सकती है. वहीं ऋषभ पंत अब कप्तानी के दबाव से मुक्त होकर अपने पुराने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. क्रिकेट जगत की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कप्तानी छोड़ने के बाद पंत अपने करियर को किस नई दिशा में ले जाते हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-