पमरे के कोटा मंडल में 2 रेल इंजीनियर्स की मौत पर डबलूसीआरईयू आक्रोशित, किया प्रदर्शन डीआरएम को सौंपा ज्ञापन, की ये मांग

पमरे के कोटा मंडल में 2 रेल इंजीनियर्स की मौत पर डबलूसीआरईयू आक्रोशित, किया प्रदर्शन डीआरएम को सौंपा ज्ञापन, की ये मांग

प्रेषित समय :15:59:19 PM / Fri, May 29th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोटा. पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेल मंडल अंतर्गत दरा-कवलपुरा रेलखंड में 28 मई गुरूवार की देर शाम हादसे में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर श्री संजय झा एवं जूनियर इंजीनियर (कार्य) अप्रेंटिस श्री प्रभात सिंह की मिट्टी धंसने से दुखद मौत पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) आक्रोशित हो गया है. तत्पश्चात यूनियन द्वारा आज शुक्रवार 29 मई को महामंत्री का. मुकेश गालव के नेतृत्व में कोटा डीआरएम कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए चेयरमैन रेलवे बोर्ड के नाम एक ज्ञापन डीआरएम को सौंपा.

डबलूसीआरईयू महामंत्री का. मुकेश गालव ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था एवं उसकी प्रभावी निगरानी को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है. दुर्भाग्यवश ऐसी घटनाएं केवल कोटा मंडल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न मंडलों एवं जोनों में भी समय-समय पर सुरक्षा संबंधी गंभीर दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं. इन घटनाओं से रेल कर्मचारियों में गहरा आक्रोश एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है. समस्त रेल कर्मचारी इस प्रकार की घटनाओं के विरोध में हैं तथा यह मांग करते हैं कि रेलवे प्रशासन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए, जिससे भविष्य में किसी भी कर्मचारी को अपनी जान न गंवानी पड़े. प्रदर्शन के दौरान यूनियन के कोषाध्यक्ष का. इरशाद खान सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी, यूनियन पदाधिकारी शामिल रहे.

ज्ञापन में ये मांग की गई

- दरा-कवलपुरा दुर्घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए.
- जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
- समस्त जोनों एवं मंडलों में कार्यस्थल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा विशेष निर्देश जारी किए जाएं.
- नियमित सुरक्षा ऑडिट, जोखिम मूल्यांकन एवं प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए.
- भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
- कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक संसाधन एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.
- रेलवे कर्मचारी आशा करते हैं कि इस गंभीर मामले को रेलवे बोर्ड सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेगा तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-