जबलपुर. रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में भारतीय रेलवे लगातार अपने कोच और ट्रेनों को आधुनिक बना रहा है. इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल, भोपाल मंडल से गुजरने वाली जबलपुर-निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस को अब एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच के साथ चलाने का फैसला लिया गया है. यह बदलाव मई के अंत से लागू होगा, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा.
30 मई से शुरू हुआ नया रैक सिस्टम
रेलवे प्रशासन के अनुसार गाड़ी संख्या 12192 जबलपुर-निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस 30 मई 2026 से जबलपुर से एलएचबी रैक के साथ रवाना हुई. वहीं, गाड़ी संख्या 12191 निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस 31 मई 2026 से निजामुद्दीन से एलएचबी कोच के साथ संचालित की जाएगी. यह बदलाव यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है.
22 कोच, हर वर्ग के यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प
नए एलएचबी रैक में कुल 22 कोच होंगे. इसमें प्रथम एसी, द्वितीय एसी, तृतीय एसी, थर्ड एसी इकॉनमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल हैं. साथ ही एसएलआरडी और जनरेटर कार भी जोड़ी गई हैं. इस नई संरचना से ट्रेन की क्षमता और संचालन दोनों में सुधार होगा.
बर्थ की संख्या बढ़ी, भीड़ में मिलेगी राहत
एलएचबी कोच लगने के बाद इस ट्रेन में कुल 1128 आरक्षित बर्थ उपलब्ध होंगी. इनमें प्रथम एसी में 24, द्वितीय एसी में 104, तृतीय एसी में 360, थर्ड एसी इकॉनमी में 80 और स्लीपर क्लास में 560 बर्थ शामिल हैं. इससे यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी और वेटिंग की समस्या में भी कमी आएगी.
सुरक्षित, तेज और आरामदायक सफर
एलएचबी कोच पारंपरिक आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक आधुनिक माने जाते हैं. इनकी डिजाइन बेहतर होती है, वजन कम होता है और हाई स्पीड पर भी स्थिरता बनाए रखते हैं. दुर्घटना की स्थिति में इनकी सुरक्षा क्षमता अधिक होती है, जिससे यात्रियों की जान-माल का जोखिम कम होता है.

